अब मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने भी की मांग अयोध्या में बने रामलला का मंदिर

Anoop Kumar

Publish: Dec, 07 2017 12:37:10 (IST) | Updated: Dec, 07 2017 03:16:50 (IST)

Faizabad, Uttar Pradesh, India
अब मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने भी की मांग अयोध्या में बने रामलला का मंदिर

देश के सबसे बड़े विवाद के हल के लिए एकजुट हो रहे हैं दोनों ही पक्ष के लोग

फैजाबाद . देश की सबसे बड़ी अदालत में चल रहे देश के सबसे बड़े मुकदमे की सुनवाई 2 महीने के लिए टल गई है, विश्व प्रसिद्ध अयोध्या के राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मुकदमे की अगली तारीख 8 फरवरी मुकर्रर की गई है . जिसके बाद डे टु डे इस केस की सुनवाई होगी और इसी के साथ अब इस बात की भी उम्मीद जाग उठी है कि बहुत जल्द उस मुकदमे में फैसला आ जाएगा जिसका इंतजार देश की सवा सौ करोड़ से अधिक जनता को है .बताते चलें कि अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर था या मस्जिद यह विवाद सन 1949 से शुरू हुआ था और करीब 65 साल से अधिक का लंबा वक्त बीत जाने के बाद अभी तक इस मुकदमे का कोई संतोष जनक हल नहीं निकल पाया है .हालांकि निचली अदालतों ने यह जरूर माना कि जिस स्थान को लेकर विवाद हो रहा है ,उस स्थान पर रामलला का मंदिर था लेकिन इस फैसले को हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी , जहां इस में हिंदू पक्षकारों ने पूरी भूमि पर अपना अधिकार जताते हुए मंदिर निर्माण की अनुमति कोर्ट से मांगी थी ,वही मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट के इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया था और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी थी .

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी सहित कई मुस्लिम समुदाय के लोग पहले ही कर चुके हैं मंदिर निर्माण की मांग

दिलचस्प बात यह है कि जहां इस पूरे मुकदमे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है वही कोर्ट से बाहर भी आपसी समझौते के आधार पर इस मुकदमे को सुलझाने की कवायदें लगातार जारी है , विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए जहां अभी तक हिंदू समुदाय और हिंदू संगठन आवाज उठाते रहे हैं ,वही अब बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी यह मान रहे हैं कि जिस स्थान को लेकर विवाद किया जा रहा है वहां पर मंदिर था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई इसलिए उस स्थान पर राम लला का अधिकार है इसलिए उस स्थान पर मंदिर बनना चाहिए ,चाहे शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी हो राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खान हो या अयोध्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों को एकजुट कर मंदिर निर्माण के मार्ग में आगे बढ़ रहे बबलू खान हो ये ऐसे नाम है जिन्होंने आपसी सद्भाव की भावना को प्रधानता देते हुए इस विवाद के हल के लिए पहल की थी .


देश के सबसे बड़े विवाद के हल के लिए एकजुट हो रहे हैं दोनों ही पक्ष के लोग

वही मुस्लिम बाहुल्य माने जाने वाले हापुड़ जिले के मुस्लिम आबादी के इलाके की महिलाओं ने भी अब अयोध्या में मंदिर निर्माण की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है और बाकायदा इसके लिए सरकार और प्रशासन को पत्र भी लिखा है .ताजा मामले में हापुड़ में अखिल भारतीय मुस्लिम महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्षा इकरा चौधरी ने मुस्लिम महिलाओं को साथ लेकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है ,भले ही यह कोशिश एक छोटा प्रयास हो लेकिन जाहिर तौर पर अभी तक अयोध्या में मंदिर निर्माण की बात पर दंगे जैसे हालात पैदा होने की स्थिति अब समाप्त हो रही है और कहीं ना कहीं इस विवाद के सर्वमान्य हल के लिए दोनों ही पक्ष के लोग एकजुट हो रहे हैं जो निश्चित रूप से एक शुभ संकेत है और अगर आपसी बातचीत के जरिए मुकदमे का हल हो जाता है तो यह पूरे दुनिया के लिए एक बड़ी नजीर साबित होगी .

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