राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम के बाद अब 51 लीटर दूध से किया गया माँ सरयू का अभिषेक

Anoop Kumar | Publish: Jul, 14 2018 12:25:40 PM (IST) | Updated: Jul, 15 2018 02:12:27 AM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

संतों ने कहा माँ सरयू की पवित्रता को समाप्त करने का षडयंत्र रचने वालो को अयोध्या के संत कभी बर्दास्त नहीं करेंगे

सत्य प्रकाश
अयोध्या : राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने और मंदिर निर्माण के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने वाले लोगों को सद्बुद्धि आने को लेकर अयोध्या के संतो द्वारा बुद्धि शुद्धि कार्यक्रम कर माँ सरयू का दुग्धाभिषेक किया गया और पूजा अर्चन की गयी .इस विशेष कार्यक्रम में गाय के 51 लीटर दूध से माँ सरयू का दुग्धाभिषेक संतो ने पुन्य सलिला सरयू की पवित्र निर्मल धारा में खड़े होकर किया , अनुष्ठान के दौरान माँ सरयू से प्रार्थना की गई कि अयोध्या की पवित्रता सुचिता बनी रहे और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में जो अवरोध उत्पन कर रहे है उन सभी को भगवान सद्बुद्धि प्रदान करे.इस कार्यक्रम के आयोजक महंत दिलीप दास ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए माँ सरयू के पवित्र धारा में दुग्धाभिषेक किया गया जिससे अयोध्या में खडयंत्र करने वाले लोगो की बुद्धि शुद्ध हो और अयोध्या में जल्द राम मंदिर का निर्माण किया जा सके , संतों ने कहा माँ सरयू की पवित्रता को समाप्त करने का षडयंत्र रचने वालो को अयोध्या के संत कभी बर्दास्त नहीं करेंगे.

संतों ने कहा माँ सरयू की पवित्रता को समाप्त करने का षडयंत्र रचने वालो को अयोध्या के संत कभी बर्दास्त नहीं करेंगे

आयोजन में शामिल संत सतेन्द्र दास ने बताया कि धार्मिक नगरी अयोध्या में कुछ लोग समाज को राम मंदिर निर्माण की दिशा से भटकाने का कार्य कर रहे है . अयोध्या में आपस में लोगो को भड़काने का कुचक्र रच रहे है ऐसे लोगो को माँ सरयू व भगवान रामलला सद्बुद्धि दे और राष्ट्र में गौ ह्त्या बंद हो ,लोग गौ मांस खाना बंद कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में सहयोग करे. बताते चलें कि एक दिन पूर्व अयोध्या में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा माँ सरयू में वजू बनाकर सामूहिक कुरआन ख्वानी कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था जिस पर जिला प्रशाशन ने अघोषित रूप से रोक लगा दी थी , इस आयोजन को उसी आयोजन के जवाब में देखा जा रहा है . कार्यक्रम के दौरान महंत दिलीप दास के साथ अंगद दास, वरुण दास, राम प्रकाश दास, राजीवलोचन शरण दास, राम लखन शरण दास के साथ दर्जनों संत मौजूद रहे .

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