हर जिम्मेदारी को सरकार पर छोडऩे वाले सीखें इन पर्यावरण प्रेमियों से सबक

(Haryana News)हर जिम्मेदारी को सरकार के भरोसे छोडऩे के बजाए जनसहभागिता (Public participation) से पूरा करने के पक्के इरादे से बंजर जमीन की कोख हरी-भरी (Plantation ) करने में लगे हुए फरीदाबाद के कुछ उत्साही परिवार। (Enviorment) जल और जंगल को समर्पित ये बाशिंदे न सिर्फ अरावली (Aravli ranges ) की पहाडिय़ों में दस से ज्यादा (Digging 10 ponds ) तालाब खोद कर वर्षा जल संग्रहण कर चुके हैं बल्कि बंजर पड़ी भूमि में हरियाली की चादर बिछाने में जुटे हुए हैं।

By: Yogendra Yogi

Published: 26 Aug 2020, 06:55 PM IST

फरीदाबाद(हरियाणा): जीवन का आधार वृक्ष है,
धरती का श्रृंगार वृक्ष है,
प्राणवायु दे रहे सभी को,
ऐसे परम उदार वृक्ष है... (Haryana News)हर जिम्मेदारी को सरकार के भरोसे छोडऩे के बजाए जनसहभागिता (Public participation) से पूरा करने के पक्के इरादे से बंजर जमीन की कोख हरी-भरी (Plantation ) करने में लगे हुए फरीदाबाद के कुछ उत्साही परिवार। शहर में लगातार घटती हरियाली से फैलने (Enviorment) वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य के नुकसान तथा पेयजल की किल्लत से आए (Aravli ranges ) दिन जूझने वाले शहरवासी की तकलीफों को दूर करने का जिम्मा इन उत्साही लोगों ने उठाया है। जल और जंगल को समर्पित ये बाशिंदे न सिर्फ अरावली की पहाडिय़ों में दस से ज्यादा (Digging 10 ponds ) तालाब खोद कर वर्षा जल संग्रहण कर चुके हैं बल्कि बंजर पड़ी भूमि में हजारों की तादाद में पौधे लगा कर हरियाली की चादर बिछाने के मिशन में जुटे हुए हैं।

10 तालाब हो चुके लबालब
सेव अरावली संस्था, अरावली के अंदर 10 तालाब की खुदाई कर चुके हैं। इन तालाबों में अब वर्षा जल लबालब भरा हुआ। इससे न सिर्फ भूगर्भ जलस्तर में वृद्धि होगी बल्कि पशु-पक्षियों को भी पानी मिल सकेगा। इस पानी से वन संरक्षण का कार्य भी किया जा सकेगा। संस्था के सदस्यों ने श्रमदान के अरावली की तलहटी में खुदाई कर इन तालाबों का निर्माण किया है। वर्षा जल संरक्षण के साथ ही संस्था के सदस्य पूरे जिले में 10 हजार से अधिक पौधे रोप चुके हैं। सभी की देखभाल भी की जा रही है। वन विभाग की, नगर निगम व हुडा की जमीन पर वन विकसित किए जा रहे हैं। पाली पुलिस चौकी के पास 5-6 एकड़ में 2 हजार पौधे रोपे हैं।

खरीद लिया ट्रेक्टर व टैंकर
इनकी देखभाल के लिए माली रखे हुए हैं। नियमित रूप से पानी व खाद मिलता रहे, इसलिए चंदा एकत्र कर ट्रैक्टर-ट्राली व पानी का टैंकर खरीद लिया है। साढ़े चार लाख रुपये की लागत का ट्रैक्टर-ट्राली और पानी का टैंकर खरीद लाए हैं ताकि पौधों को खाद-पानी देने में कोई रुकावट न हो। सेव अरावली संस्था से जुड़े ये परिवार अपनी घर-गृहस्थी की तरह पौधों को भी परिवार का अहम हिस्सा मानते हैं। बाकायदा हर माह घर के खर्च में पौधों की देखरेख का बजट भी शामिल किया जाता है। समय आते ही ये लोग आपस में चंदा एकत्र करते हैं और इसके बाद न केवल पौधारोपण करते हैं बल्कि पूरे साल पौधों को खाद व पानी देने का काम किया जाता है।

वन मंत्री ले चुके ब्यौरा
वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने टीम के सदस्यों को बुलाकर पर्यावरण संरक्षण विषय पर बैठक की थी। संस्था के संस्था जितेंद्र भडाना सहित संजय राव बागुल, कैलाश बिधुड़ी, सुचित्रा खन्ना, योगेश शर्मा, विकास, अंकित सहित अन्य लोग बेहद संजीदगी से पर्यावरण संरक्षण में दिनरात जुटे हुए हैं। निगमायुक्त डॉ. यश गगज़् और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मंगलेश कुमार चौबे भी सराहना कर चुके हैं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने तो इन लोगों द्वारा विकसित किए गए फरीदाबाद फारेस्ट में आकर पौधारोपण भी किया था।

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