देशभर में कुख्यात साइबर अपराधियों के गढ़ जामताड़ा से सात की गिरफ्तारी

(Haryana News ) साइबर ठगी (Cyber crime hub Jamtara in Jharkhand ) के लिए कुख्यात झारखंड के जामताड़ा से साइबर अपराधी (Cyber criminal cheat Amitabh Bacchan ) आखिरकार पुलिस के चंगुल में फस गए। साइबर थाना पुलिस ने 2.30 लाख रुपए की साइबर ठगी (90% youth in cyber crime in this village ) की एक वारदात के मामले में जामताड़ा से सात साइबर अपराध के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

By: Yogendra Yogi

Updated: 27 Sep 2020, 06:38 PM IST

फरीदाबाद(हरियाणा): (Haryana News ) साइबर ठगी (Cyber crime hub Jamtara in Jharkhand ) के लिए कुख्यात झारखंड के जामताड़ा से साइबर अपराधी (Cyber criminal cheat Amitabh Bacchan ) आखिरकार पुलिस के चंगुल में फस गए। साइबर थाना पुलिस ने 2.30 लाख रुपए की साइबर ठगी (90% youth in cyber crime in this village ) की एक वारदात के मामले में जामताड़ा से सात साइबर अपराध के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरोह ने की थी ठगी की वारदात
चार्मवुड विलेज फरीदाबाद निवासी मुनीश कुमार जैन को सिम अपग्रेड करने का झांसा देकर उनके करीब 2.30 लाख रुपये उड़ाए थे। इस मामले की जांच के दौरान साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार को पता चला कि यह ठगी जामताड़ा से हुई है। टीम गठित कर 25 अगस्त को उन्होंने छह आरोपितों अजय मंडल, भरत कुमार मंडल, शत्रुघ्न मंडल, नरेंद्र मंडल को जामताड़ा और सौरभ को पंजाब के जालंधर से दबोचा।

ऐसे आया गिरोह पकड़ में
पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। उनसे पूछताछ में कर्नाटक के जिला गदग निवासी राजा हुसैन सोताकनाल का नाम सामने आया। पुलिस ने पहले राजा हुसैन को कर्नाटक से गिरफ्तार कर रिमांड लिया, वहीं अजय मंडल व शत्रुघ्न मंडल को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया। इन तीनों को लेकर टीम जामताड़ा पहुंची। वहां से शेष आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनमें प्रदीप दास, नरेश दास, विष्णु मंडल, विक्की कुमार दास, राकेश दास, संतोष मंडल और सुशील महतो शामिल हैं।

इस गांव के 90 फीसदी युवा साइबर अपराधी
सभी आरोपित अपग्रेड करने का झांसा देकर लोग की मोबाइल सिम हैक कर लेते थे। आरोपित सिम के जरिये सेंध लगाकर बैंक खाते खाली करने में माहिर हैं। यह एक गिरोह है, जो जामताड़ा से संचालित हो रहा था। पिछले दिनों जामताड़ा में 9 साइबर क्रिमिनल गिरफ्तार किये गये थे। इनमें से एक राजेश मंडल ने एसपी दीपक कुमार सिन्हा के सामने स्वीकार किया था कि करमाटांड़ प्रखंड में स्थित उसके गांव सियाटांड़ में 90 फीसदी युवा साइबर क्राइम से जुड़े हैं। इस दौरान उसने यह डेमोंस्ट्रेशन भी दिया था कि वह कैसे लोगों को अपने झांसे में लेता है।

सांपों का घर जामताड़ा
जामताड़ा, झारखंड राज्य का एक जिला है। यहां बड़ी संख्या में सांप पाए जाते हैं। इन सांपों की वजह से ही इस जिले का नाम जामताड़ा पड़ा। जामताड़ा, जामा और ताड़ शब्द से बना है। दरअसल, संथाली भाषा में जामा का मतलब होता है सांप और ताड़ का मलतब होता है आवास, यानी सांपों का आवास (घर)। जामताड़ा को बॉक्साइट की खदानों के लिए भी जाना जाता है। इन सबके अलावा अब इस जिले को 'ठगी में लिप्त' जगह के तौर पर भी जाना जाने लगा है। कहते हैं कि अब ये जिला एक ऐसी जगह बन गया है, जहां का एक फोन कॉल लोगों को कंगाल बना देता है।

कभी पिछड़ा था, अब हैं मकान व कारें
कई साल पहले तक यह जिला पिछड़ा हुआ क्षेत्र माना जाता था। लोगों के कच्चे घर हुआ करते थे। उनके पास सुविधा के नाम पर साइकिल हुआ करती थी या बहुत हुआ तो मोटरसाइकिल। लेकिन अब सब कुछ बदल चुका है। लोगों के घर पक्के हो गए हैं, घरों के आगे कारें लगी होती हैं। मतलब ये है कि अब यहां के लोगों के पास सुख-सुविधा के नाम पर सबकुछ है और कहा यह भी जाता है कि ये सब सिर्फ उन्ही फोन कॉल की वजह से हुआ है।

साइबर ठगी के फीसदी मामले यहां से
इस जगह को साइबर ठगी का गढ़ माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि पूरे देश में हो रही साइबर ठगी के 80 फीसदी मामले जामताड़ा से जुड़े हुए हैं। चार-पांच राज्यों को छोड़ दें तो देश का ऐसा कोई भी राज्य नहीं होगा, जहां की पुलिस साइबर ठगी के मामले की जांच के लिए जामताड़ा न आई हो। जामताड़ साइबर ठगी के मामले में एक बदनाम जिला बन कर रह गया है और खासकर इस जिले का करमाटांड़ गांव।

अमिताभ बच्चन भी आए चपेट में
कुछ साल पहले बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के बैंक खाते से पांच लाख रुपये गायब हो गए थे। इसके अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी और सांसद परणीत कौर के खाते से करीब 23 लाख रुपये, एक केंद्रीय मंत्री के खाते से करीब दो लाख रुपये, केरल के एक सांसद के खाते से डेढ़ लाख रुपये की ठगी हुई और इन सबके तार जामताड़ा से जुड़े हुए थे। इन चर्चित मामलों के अलावा हजारों ऐसे लोग हैं, जिनके खाते से पैसे गायब हुए और वो पैसे फिर उन्हें कभी नहीं मिले।

साइबर ठगी 2013 से
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, जामताड़ा में साइबर ठगी की शुरुआत साल 2013 से हुई। उस समय से अब तक कई राज्यों की पुलिस जामताड़ा से सैकड़ों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन अपराधियों के बैकग्राउंड (पृष्ठभूमि) की जांच की गई तो आय से अधिक संपत्ति का पता चला। ये वो अपराधी थे, जो लोगों को फोन कर उन्हें ***** बनाते थे और उनके खाते से पैसे अपने पास ट्रांसफर कर लेते थे।

सैकड़ों गांव साइबर ठगी में शामिल
जामताड़ा में सैकड़ों गांव हैं और कहते हैं हर गांव के कुछ लोग साइबर ठगी में लिप्त हैं। वो पहले लोगों को फोन करते हैं और उनसे बात करके कहते हैं कि वो फलाना बैंक से बोल रहे हैं यानी जिस बैंक में उस व्यक्ति का खाता है। इसके बाद वो ठग लोगों से कहते हैं कि आपका खाता अपडेट करना है या खाता बंद होने वाला है या किसी और बहाने से उनकी बैंक से जुड़ी निजी जानकारियां ले लेते हैं और मिनटों में उनके खाते से पैसे उड़ा लेते हैं। यानी हम कह सकते हैं कि जामताड़ा का एक 'हैलोÓ लोगों को पल भर में कंगाल बना देता है।

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