इनके हाथ पुलिस से लंबे ही नहीं निकले बल्कि उसकी जेबों तक पहुंच गए

( Hariyana News) अपराधियों के लिए पुलिस चाहे जितनी चालाक (Clever thugs ) शिकारी हो पर कई बार (Thugs cheat policemen ) अपराधी ऐसी चालाकी (Police arrested clever thugs) दिखाकर उल्टे अपने जाल में फांस कर पुलिस को ही शिकार बना लेते हैं। ऐसे ही तीन ठगों ने एक-दो नहीं बल्कि पूरे पचास से अधिक पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फांस कर अपना शिकार बना लिया।

By: Yogendra Yogi

Updated: 28 Jun 2020, 05:20 PM IST

फरीदाबाद (हरियाणा): ( Hariyana News) अपराधियों के लिए पुलिस चाहे जितनी चालाक (Clever thugs ) शिकारी हो पर कई बार (Thugs cheat policemen ) अपराधी ऐसी चालाकी (Police arrested clever thugs) दिखाकर उल्टे अपने जाल में फांस कर पुलिस को ही शिकार बना लेते हैं। हालांकि यह बात देखने-सुनने मे बेशक अटपटी लगती हो कि जिस पुलिस पर ठगों को पकडऩे का जिम्मा है, आखिर उसे कोई कैसे ठग सकता है। वह भी एक-दो पुलिसकर्मियों को नहीं करीब पचास पुलिसकर्मियों को अलग-अलग वारदातों में। ऐसे ही तीन ठगों ने एक-दो नहीं बल्कि पूरे पचास से अधिक पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फांस कर अपना शिकार बना लिया। फिर भी पुलिस तो आखिर पुलिस है। पुलिस ने ऐसा जाल बिछाया कि पुलिस को ठगने वाले खुद ही पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

चायपानी के रुपए देकर बनाए वीडियो
हाल ही में पलवल में ऐसा मामला सामने आया था, जहां उन्होंने पुलिसकर्मियों को 500 रुपये देकर उनका वीडियो बना लिया था और बाद में उनसे तीन लाख रुपये मांगे थे। पुलिस कर्मियों को ब्लैकमेल करने की बात अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दिल्ली के रहने वाले तीनों बदमाशों को धर दबोचा। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि अगर पुलिसकर्मी पैसे देने से इनकार करते तो यह उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में फंसाने की धमकी देते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह इस तरह से पलवल, रोहतक, दिल्ली और सोहना में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। रोहतक में इन्होंने 10 लाख रुपये की मांग की थी। पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासा होने की उम्मीद है।

50 वारदातें कर चुके
यह गिरोह दिल्ली के अलावा हरियाणा में पलवल, सोहना और रोहतक में करीब ५० वारदातें कर चुका है। इन तीनों को गिरफ्तार कर कोरोना संक्रमण के बचाव की दृष्टि से क्वारेंटाइन किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में दिल्ली पीरागढ़ी निवासी सलमान, जीशान और मोहम्मद शाकिर शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी कहीं भी अपनी गाड़ी से कोई दुर्घटना कर देते थे। इसके बाद मौके पर ही पुलिस के सामने एक दूसरे पक्ष से समझौता कर लेते थे। मामला सुलझने व स्वेच्छा से पुलिसकर्मियों को चाय-पानी के नाम पर कुछ रुपये देते थे और उसका वीडियो भी बना लेते थे। इसके बाद पुलिसकर्मियों को ब्लैकमेल कर उनसे पैसे ऐंठते थे।

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