पंजाब: फरीदकोट जेल में मिले 251 एचआईवी पॉजिटिव कैदी

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को 4 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया

By: युवराज सिंह

Published: 03 Jun 2016, 03:06 PM IST

फरीदकोट। पंजाब में फरीदकोट जेल के 251 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। यह सभी कैदी ड्रग लेने के आदी भी हैं। यहीं पर बाल अपराधियों के लिए बने आब्जर्वेशन होम भी एक बाल अपराधी एचआईपी पॉजिटिव पाया गया है। यहां अधिकतर बाल अपराधी भी नशे के आदी हैं।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया
इस मामले में गुरूवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को 4 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस एसएस सारों ने यह नोटिस जस्टिस लीजा गिल की ओरसे हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ  जस्टिस को लिखे पत्र पर संज्ञान लेते हुए जारी किया है।

251 कैदी एचआईवी पॉजिटिव
जस्टिस लीजा गिल फरीदकोट की इंस्पेक्टिंग जज हैं और उन्होंने इस साल 17 व 18 मार्च को फरीदकोट जेल का दौरा किया था। उस दौरान उनके सामने यह मामला आया कि जेल में कैदियों के खून की जांच करने पर 251 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

कैदियों के खून की जांच
जेल प्रबंधकों ने जस्टिस लीजा गिल को बताया कि जेल में इतनी बड़ी तादाद में एचआईवी पॉजिटिव कैदियों के इलाज में भी परेशानी आ रही है और कैदियों के खून की जांच के लिए फरीदकोट में कोई उचित व्यवस्था भी नहीं है। जेल प्रबंधन की ओर से खून के नमूनों की जांच के लिए बठिंडा एआरटी ले जाया जाता है।

कैदी ड्रग्स के आदी
जस्टिस लीजा गिल ने पत्र में लिखा कि फरीदकोट जेल में अधिकतर कैदी ड्रग्स के आदी हैं, जिससे यह बात भी साफ  हो जाती है कि कैदियों को जेल में ही ड्रग्स उपलब्ध हो रही है। उन्होंने लिखा कि जेल में लगाए गए सीसीटीवी बेहद खस्ताहाल हैं।

एक बाल अपराधी एचआईवी पॉजिटिव
जस्टिस लीजा गिल ने पत्र में फरीदकोट जेल के ऑब्जर्वेशन होम का जिक्र भी किया, जहां बाल अपराधियों के बीच कई बच्चे ड्रग्स के आदी पाए गए हैं। इन्हीं के बीच एक बाल अपराधी एचआईवी पॉजिटिव भी पाया गया है।

हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए जाएं
जस्टिस लीजा गिल ने एक्टिंग चीफ जस्टिस से मांग की कि अगर जेल भेजे जाने से पहले ही कैदियों का ब्लड टेस्ट करवा लिया जाए और यह पता चल जाए कि कैदी एचआईवी पॉजिटिव है तो उनका सही उपचार कराया जा सकता है।इससे बाकी कैदियों को भी इस घातक रोग से बचाया जा सकता है। पत्र में उन्होंने यह मांग भी रखी कि फरीदकोट में एचआईवी रोग के लिए ब्लड सैंपल की जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए और जेल में हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए जाएं ताकि जेल के भीतर ड्रग की आमद पर नजर रखी जा सके।
Show More
युवराज सिंह Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned