भारतीय सेना में शामिल हुए 764 जवान

परेड की सलामी सेंटर कमाडेंट टेकचंद मल्होत्रा ने ली है

By: Ruchi Sharma

Published: 10 Feb 2018, 03:02 PM IST

फर्रुखाबाद. राजपूत रेजिमेंट में करीब नौ माह पहले देश की सेवा के भर्ती हुए युवाओं ने कई महीनों की कड़ी मेहनत के बाद आज 764 रिक्रूट पासिंग आउट परेड के बाद देश की सीमा के सिपाही बन गए है। परेड की सलामी सेंटर कमाडेंट टेकचंद मल्होत्रा ने ली है। उसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान हर प्रकार की ट्रेनिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले आठ सैनिकों को पदक देकर सम्मानित किया गया है, क्योंकि इन सैनिकों ने फायरिंग से लेकर पीटी दौड़ परेड आदि में अच्छा प्रदर्शन किया था। पासिंग आउट परेड के दौरान सैकड़ों सैनिकों के साथ परेड में शामिल सैनिकों के परिवार भी इस पासिंग आउट परेड के गवाह बने सेंटर कमांडेंट ने सैनिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की सीमा से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में हमारी राजपूत रेजीमेंट के सैनिक अपनी अपनी सेवाएं दे रहे है।

उसी के चलते हमारे सेंटर में प्रत्येक तीन माह बाद लगातार भर्तियां होती रहती है। आज हमारी राजपूत रेजिमेंट से 764 रिक्रूट कसम परेड के साथ सैनिक बन गए है। यह सभी सैनिक देश की सीमाओं पर जाकर देश के साथ अपनी रेजिमेंट व अपना नाम देश में ऊंचा करने का काम करेंगे। उसके बाद नए बने सैनिकों द्वारा दर्जनों प्रकार के करतब का प्रदर्शन करके सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उनके इस प्रदर्शन में आर्मी के बैण्ड ने अपनी अहम भूमिका निभाई है। जिस समय सैनिक अपनी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे तो उनके परिजनों की आंखों से खुशी के आशू आंखों मे झलक रहे थे। रेजिमेंट की तरफ से सभी सैनिकों सहित उनके परिजनों के लिए खाने पीने का इंतजाम परेड ग्राउंड में ही किया गया था। पासिंग आउट परेड के लिए करियप्पा ग्राउंड को दुल्हन की तरह सजाया गया था।राजपूत रेजिमेंट का कोई काम शुरू करने से पहले हनुमान के जयकारे के साथ करते है।क्योंकि इस जयकारे से प्रत्येक सैनिक के अंदर नई ऊर्जा का संचार होता है। सैनिकों के कदम से लेकर उनके हाथों को एक साथ चलाना लोगों की नजरों को नहीं हटने नही दे रही थी।उनके हाथों में हथियार खिलौना की तरह दिखाई दे रहे थे।

Ruchi Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned