भाजपा की टोली में बदलेंगे चेहरे, कई जिलाध्यक्षों पर गिरेगी गाज

- क्षेत्र और जिला संगठनों में परिवर्तन का खाका तैयार, क्षेत्रीय अध्यक्ष के प्लान को हाईकमान की मंजूरी मिली

फर्रुखाबाद. कर्नाटक की आधी-अधूरी जीत की खुशी में डूबी भाजपा की ओवरहालिंग का मसौदा तैयार हो गया है। पार्टी ने संगठन के पेंच कसने का खाका तैयार कर लिया है। इस प्लान को आला कमान की मंजूरी भी मिल गई है। इसी महीने के अंतिम सप्ताह में समीक्षा बैठक के तुरंत बाद कई बड़े चेहरों की कुर्सी छीनकर नए चेहरों की ताजपोशी होगी। पार्टी के प्लान को योगी आदित्यनाथ की रजामंदी के साथ तैयार किया गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पाण्डेय ने भी प्लान को दुरुस्त करार दिया है।

 

20 बड़े नेताओं पर गिरेगी गाज, 10 जिलाध्यक्ष भी हटेंगे

भाजपा ने मिशन 2019 के मद्देनजर जिला और क्षेत्र संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर चेहरे के बजाय काम को तरजीह देने का निर्णय लिया है। इसी परिपेक्ष्य में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र कमेटी के महत्वपूर्ण पदों पर नए लोगों को समायोजित किया जाएगा। यह बदलाव 25 मई की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद प्रस्तावित है। बीते दिनों बदलाव का खाका प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पाण्डेय के सामने भी रखा गया। प्रदेश अध्यक्ष के सुझाव पर मसौदे में कुछेक संशोधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद प्लान को केंद्रीय नेतृत्व अमित शाह के पास भेजा गया था, जिसे दो दिन पहले मंजूर कर लिया गया है। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, कानपुर नगर के उत्तर और दक्षिण जिलाध्यक्षों के साथ-साथ ग्रामीण अध्यक्ष की कार्यशैली को परखा गया। तय हुआ कि सुरेंद्र मैथानी की कुर्सी तो कायम रहेगी, लेकिन दक्षिण और ग्रामीण के बारे में समीक्षा बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसी प्रकार बुंदेलखंड क्षेत्र के चार और कन्नौज तथा इटावा के जिलाध्यक्ष भी बदले जाएंगे। जिलाध्यक्षों के साथ-साथ महामंत्री और संगठन मंत्रियों के दायित्व भी बदले जाएंगे।


जोशीले और नौजवान कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका

संगठन में बदलाव का खाका तैयार करते समय सिर्फ एक नीति को ध्यान में रखा गया है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जबरदस्त मेहनत करने वालों को इनाम मिलेगा, जबकि दिखावटी चेहरों को दिशा-निर्देश और संरक्षक जैसी इतर जिम्मेदारियों सौंपी जाएंगी। इसी के साथ पार्टी ने मिशन 2019 के लिए प्रत्याशी चयन का काम भी शुरू कर दिया है। मौजूदा सांसद का टिकट कटने की नौबत आने पर बीते चार साल तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को टिकट वितरण में प्राथमिकता मिलना तय है। पार्टी के बड़े पदाधिकारी ने बताया कि 10 दिनों के भीतर नए पदाधिकारियों की सूची जारी हो जाएगी। इस चर्चा के दौरान मौजूदा पदाधिकारियों ने कुर्सी बचाने के लिए संघ से लेकर प्रदेश नेतृत्व की परिक्रमा करना शुरू कर दिया है।


प्रदेश अध्यक्ष ने क्षेत्रीय टीम संग समझा इलाके का गणित

बीते रविवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्? नाथ थ पाण्डेय ने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रतिनिधियों संग लखनऊ दफ्तर में जिलेवार संगठन की सक्रियता और काबिज लोगों की निष्ठा पर जानकारी जुटाई है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले कमेटी संगठन में फेरबदल होगा और यही टीम अगले साल लोकसभा चुनाव तक काबिज रहेगी। इसी वजह से प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व इस मर्तबा सक्रिय और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देने की तैयारी में है। साथ ही यह भी मंशा है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को रिकॉर्ड जीत दिलवाने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं को भी समायोजित किया जा सके।

BJP
आलोक पाण्डेय
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