फर्रूखाबादः बच्चों को बचाने का ऑपरेशन जारी, सीएम योगी ने तुरंत दिए यह निर्देश

फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में 20 बच्चों व कुछ महिलाओं को सिरफिरे की कैद से बचाने का ऑपरेशन जारी है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 30 Jan 2020, 11:10 PM IST

फर्रुखाबाद. फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के कथरिया गांव में 20 बच्चों व चार महिलाओं को सिरफिरे सुभाष की कैद से बचाने का ऑपरेशन जारी है। मामले ने यूपी पुलिस व प्रशासन को हिलाकर रख दिया। मौके पर यूपी पुलिस, एटीएस, स्वॉट टीम मौजूद है। सीएम योगी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीजीपी ओपी सिंह संग अचानक बुलाई गई बैठक के बाद सीएम योगी ने तुरंत रेस्क्यू के ऑपरेशन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए। बच्चों को बचाना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही सीएम ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्थानीय विधायक को भी युवक से बात करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये हैं घर के अंदर बंधक बच्चे के नाम-

आरती पुत्री आनंद, सोनी, रोशनी पुत्री सत्यभान, अरुण, अंजली, लवी पुत्र नरेंद्र, भानु पुत्र मदनपाल, खुशी, मुस्कान, आदित्य पुत्र पंछी, विनीत पुत्र रामकिशोर, पायल, प्रिंटर पुत्र नीरज, प्रशांत, नैनसी पुत्री मुकेश के अलावा मुकेश का भांजा कृष्णा शामिल हैं।

बेटी के जन्मदिन के बहाने बुलाया बच्चों को-

आरोपी सुभाष ने दिन के वक्त अपनी बेटी के जन्मदिन के बहाने मोहल्ले के बच्चों को बुलाया और उन्हें घर में कैद कर लिया। शख्स के पास हथियार भी है, जिससे वह घर की छत से फायरिंग कर चुका है व एक हथगोला भी पुलिस पर फेंक चुका है। हथगोले से निकली गिट्टी कोतवाल राकेश कुमार के हाथ में व दीवान जयवीर यादव के पैर में लगी। बताया जा रहा है कि घर के अंदर से युवक रुक रुक कर फायरिंग कर रहा है। आईजी के मुताबिक वह छह राउंड फायरिंग कर चुका है। बच्चों को बचाने के लिए एटीएस की टीम रवाना हो चुकी है। वहीं एनएसजी को भी बुलाया जा सकता है। फिलहाल इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बच्चों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

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सांसद का यह है कहना-

मामले में फर्रुखाबाद सांसद मुकेश राजपूत का कहना है कि बंधक बनाने वाला लगातार गोलीबारी कर रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार की बातचीत वो नहीं कर रहा है। न ही वह अपनी मांगे बता रहा है। बच्चों का संवीदनशील मामला है इसलिए खास अहतियात बरता जा रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। जिस घर पर बच्चें कैद हैं उसकी छत पर पुलिस पहुंचने की कोशिश कर रही है।

यह है हत्यारोपी की मांग-

हत्यारोपी का मांग है कि उसके खिलफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए। मेरे खिलाफ साजिश की गई है। मेरे साथ अन्याय हुआ है। मेरी सांसद मुकेश राजपूत से मुलाकात कराई जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो वर्ष पूर्व सुभाष ने अपने मौसा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। वह एक साल पहले जमानत पर छूटकर बाहर आया था। उसकी एक 10 साल की बेटी।

इन लोगों को भी धोखे से बुलाया और की फायरिंग-
इससे पहले घटना की जानकारी पर एसपी डॉ. अनिल मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजवीर सिंह, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम, जहानगंज एसओ पूनम जादौन व भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर मौके पर पहुंच गए। विधायक ने आवाज लगाकर सुभाष से कहा कि तुम बच्चों को छोड़ दो, मैं तुम्हारे प्रकरण में बात कर समस्या का निस्तारण कराऊंगा। इस पर सुभाष ने गांव के लल्लू सिंह, बालू दुबे समेत स्वाट टीम के सिपाही सचेंद्र व अनुज तिवारी को बुलाने के बाद ही बच्चों को छोड़ने की बात कही। पुलिस ने बालू दुबे को बुलाया। बालू दुबे ने सुभाष से गेट के पास जाकर बात की और भरोसा दिया कि उसको न्याय मिलेगा। अचानक सुभाष ने गेट के नीचे से बालू दुबे पर तमंचे से फायर कर दिया। इसमें बालू दुबे के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गए।

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