छठ : लोकगीतों के बीच सूर्य को अर्घ्य देकर मांगा आशीष

शनिवार सुबह सिर्फ भगवान भाष्कर का इंतजार था। और सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया।

By: Mahendra Pratap

Published: 21 Nov 2020, 11:45 AM IST

Farrukhabad, Farrukhabad, Uttar Pradesh, India

फर्रुखाबाद. चारों तरफ का माहौल बेहद खुशनुमा था। लोकगीतों की आवाज से पूरा इलाका गूंज रहा था। कोरोना की वजह से लोगों घाटों पर कम आए पर भीड़ इसके बावजूद भी रही। कोरोना गाइडलाइन का पालन काफी हद तक किया जा रहा था। शनिवार सुबह सिर्फ भगवान भाष्कर का इंतजार था। जैसे ही वह उदय हो सभी उनका पूजन करें। और सूर्योदय की पहली किरण के साथ ही व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर व्रत का परायण किया और छठ मैया से कोरोना महामारी से छुटकारा से दुआ मांगी।

सुबह से छठ पूजा की हर तरफ धूम दिख रही थी। फर्रुखाबाद में गंगा किनारे आराधना के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। छठ व्रतियों ने सरोवर, कुंडों और बहते पानी के स्रोत में स्नान किया। पांचालघाट पर महिलाओं ने सूर्य देवता को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। और घर में गुड़, दूध और साठी के चावल से बने खरना के प्रसाद को ग्रहण किया। इस बीच महिलाओं के पारम्परिक लोक गीत पूरे माहौल में रंग घोल रहे थे। बच्चों की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली को लेकर की जाने वाली इस पूजा को लेकर महिलाओं सहित बड़े बूढ़े और बच्चों का उत्साह देखने लायक था।

इससे पूर्व चार दिवसीय डाला छठ महापर्व में शुक्रवार को गंगा के शीतल जल में खड़ी होकर व्रती महिलाओं ने अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया। विधिवत पूजन-अर्चन कर समृद्ध और खुशहाली की कामना भी की गई। इस दौरान गंगा घाट पर मेले जैसा दृश्य रहा।

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