बाढ़ ने मचार्इ तबाही, डेढ़ दर्जन गांवों में भरा पानी, आधा दर्जन गांवों का आवागमन बाधित

बाढ़ ने मचार्इ तबाही, डेढ़ दर्जन गांवों में भरा पानी, आधा दर्जन गांवों का आवागमन बाधित

Ashish Kumar Pandey | Publish: Aug, 17 2016 10:16:00 PM (IST) Farrukhabad, Uttar Pradesh, India

बाढ़ का पानी अब बदायूं मार्ग के करीब पहुंच गया है। रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया, जिससे ग्रामीण खौफ में हैं।

फर्रुखाबाद. नदियों में उफान का सिलसिला लगातार जारी है। गंगा और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा चेतावनी बिंदु पहले ही पार कर चुकी थी और अब इसका रुख खतरे के निशान की ओर है। उधर, दूसरी ओर कुछ दिन तक शांत रहने के बाद रामगंगा ने भी आंखें तरेरना शुरू कर दी है। रामगंगा भी तेजी से चेतावनी बिंदु की तरफ बढ़ रही है।

गंगा की बाढ़ का पानी डेढ़ दर्जन गांवों में भर गया है। किराचन मार्ग पर करीब दो फीट पानी तेज धार के साथ बहने से आधा दर्जन गांवों का आवागमन बाधित है। बाढ़ का पानी अब बदायूं मार्ग के करीब पहुंच गया है। रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया, जिससे ग्रामीण खौफ में हैं।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से कुडरी सारंगपुर, करनपुर घाट, मंझा की मड़ैया, फकरपुर जालिम, माखन नगला, नगला रामप्रसाद, जोगराजपुर, रामपुर, सबलपुर, कंचनपुर, लायकपुर, कुसमापुर, उदयपुर, भुड्डन की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, पूर्वी गौटिया, सुंदरपुर, कछ़ुआगाढ़ा व राजाराम की मड़ैया गांवों में पानी भर गया है। कुडरीसारंगपुर व करनपुर घाट गांवों में तो घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। जिससे ग्रामीणों के सामने भोजन पकाने की समस्या हो गई है। ग्रामीण अपना घरेलू सामान ऊंचे स्थानों पर रख रहे हैं। कुडरी सारंगपुर के ग्रामीण बाढ़ के पानी में घुसकर निकलने को मजबूर हैं। किराचन मार्ग पर करीब दो फीट पानी तेज धार के साथ बहने से किराचन, सुभानपुर, हमीरपुर, नगला खुशहाली, नगला पंचम, नगला धनी के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीण फकरपुर मार्ग से निकल रहे हैं।
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मंझा की मड़ैया गांव के चारों ओर पानी भरा है। इससे गांव के लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। सबलपुर के प्राथमिक स्कूल व स्वास्थ्य केंद्र तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। संपर्क मार्ग पर बह रहे पानी में घुसकर निकलने को लोग मजबूर हैं।जनपद में हर वर्ष बाढ़ के कारण 125 गांव बुरी तरह प्रभावित होते हैं। इन गांवों में कृषि योग्य भूमि से लेकर बाशिंदों  के मकान तक बाढ़ में कट जाते हैं। साल दर साल आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाया है। बहरहाल बधुवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर को पहले ही पार कर चुका था। बुधबार  को यह 137.05 मीटर पर पहुंच गया। नरौरा बांध से गंगा में 1,42,157 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस पानी का असर गुरुवार को जिले में दिखाई देगा। उधर, दूसरी ओर रामगंगा का जलस्तर सोमवार की अपेक्षा 25 सेंटीमीटर बढ़ गया। मंगलवार को इसका जलस्तर 135.50 मीटर जा पहुंचा। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 5,988 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यहां यह भी बता दें कि रामगंगा के जलस्तर में थोड़ी सी भी वृद्धि होने पर तटवर्ती गांवों में परेशानी शुरू हो जाती है।
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