पुलिस की लापरवाही से छेड़छाड़ से पीड़ित छात्रा की मौत, आरोपी फरार

छेड़छाड़ की रिपोर्ट न दर्ज करने पर छात्रा ट्रेन आगे कूदी। सात दिन बाद इलाज के दौरान आज मौत हो गयी।

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Published: 11 Dec 2017, 08:14 PM IST

Farrukhabad. योगी सरकार में महिलाये आज भी सुरक्षित नहीं है। महिलाओं और छात्राओं को सशक्त करने के लिए डायल-100, वीमेन पॉवर लाइन-1090, एंटी रोमियो स्क्वायड, सभी फेल हो रही है क्यों की उनकी पुलिस ही इन सेवाओं की हवा निकलने में लगी है। इसी का एक जीता जगता मामला फर्रुखाबाद में सामने आया है। फर्रुखाबाद पुलिस की लापरवाही से एक छात्रा की जान चली गयी। छेड़छाड़ की रिपोर्ट न दर्ज करने पर छात्रा ट्रेन आगे कूदी। सात दिन बाद इलाज के दौरान आज मौत हो गयी।

गाली गलौज करके भगा दिया
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव पपियापुर की रहने वाली कक्षा 9 की छात्रा के साथ गांव के ही अजय पुत्र सूरज ने गन्दी नियत से छेड़खानी की थी। जिसकी शिकायत 28 तारीख को छात्रा ने शहर कोतवाली में की थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नही किया, उसके बाद पीड़ित छात्रा ने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी तो पिता अपनी बेटी के साथ घटी घटना की शिकायत आरोपी के पिता से करने गया था लेकिन उन्होंने गाली गलौज करके भगा दिया। उसके बाद छात्रा के पिता ने डाक द्वारा एसपी फर्रुखाबाद को घटना से अबगत कराया फिर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नही किया।

उधर, लड़की को आरोपी धमकाता रहा। उन्होंने कोर्ट में 4 तारीख को परिवाद दायर कर दिया, जिससे आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सके। छात्रा न्याय न मिलने आहत होकर ट्रेन के आगे कूद गयी। गंभीर हालत में परिजनों ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया था। हालत नाजुक होने के कारण उसको सैफई के लिए रिफर कर दिया गया था। जहां पर उसका उपचार चल रहा था। आज उपचार के दौरान उस छात्रा की मौत हो गई। जिसके सैफई में ही पोस्टमार्टम कराकर पिता बेटी के शव को लेकर पापियपुर गांव जैसे ही पहुंचे तो कोहराम मच गया।

उसके बाद मैंने कोर्ट की शरण ली

मृतक छात्रा लक्ष्मी के पिता जवाहरलाल ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली के पांच दिन तक चक्कर लगाता रहा, लेकिन शहर कोतवाल का कहना था रिपोर्ट दर्ज कराने से क्या गारंटी है। कहकर भगा दिया था, उसके बाद मैंने कोर्ट की शरण ली, लेकिन यदि पुलिस मेरी बेटी की शिकायत पर उस आरोपी को गिरफ्तार कर लेती तो शायद बेटी हमारे बीच जिंदा होती और आरोपी से परेशान होकर ट्रेन के आगे नही कूदती, लेकिन लड़की जिस दिन ट्रेन के आगे कूदी पुलिस ने उसी दिन उसी प्रार्थना पत्र पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
आखिर पुलिस क्यो नही दर्ज किया था मुकदमा

जिस लड़की के साथ घटना घटी उसका मुकदमा दर्ज इसलिए नही किया क्योकि आरोपी उसी गाँव का था। पुलिस ने थाने में ही बैठकर यह गणित लगा लिया कि आपसी रंजिश के कारण तो नही लड़की मुकदमा दर्ज कराने आई हो जब लड़की ने आत्महत्या की कोशिश की तो पुलिस के हाथ पांव फूल गए।तो पुलिस ने फटाफट मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी के घर पर दबिश देनी शुरू कर दी।लेकिन ट्रेन की घटना होने के बाद आरोपी परिवार सहित भाग गया। यदि पुलिस पहले ही यह कार्यवाही कर लेती तो वह जिंदा होती।

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