बिना जीएसटी के बिल बनाकर बेचा जा रहा सामान, दोगुने दाम पर हो रही सप्लाई

जीएसटी के तहत बढ़ रही टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने के लिए तमाम नियम कानून बनाए गए हैं

By: Karishma Lalwani

Updated: 06 Jan 2020, 04:58 PM IST

फर्रुखाबाद. जीएसटी के तहत बढ़ रही टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने के लिए तमाम नियम कानून बनाए गए हैं। मगर इसके बावजूद जीएसटी के नाम पर होने वाली धांधली कम नहीं हो रही। जिले में जीएसटी चोरी को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। यहां मुख्य विकास अधिकारी ने जीएसटी की चोरी करने वाली दुकानों का भंडाफोड़ किया है। वहीं सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैसिया ने जांच के घेरे में आईंफर्मों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया।

वर्ष 18-19 में खेलकूद की किट खरीदने के लिए जिले के विद्यालयों को पांच हजार से 10 हजार तक की धनराशि दी गई थी। प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने खेलकूद किट खरीदी। सीडीओ ने जिले के 544 विद्यालयों के वाउचरों की जांच करवाई। जांच में पता चला कि सभी बिल बिना जीएसटी के बनाए गए। कुछ बिल हाथों से लिखे थे। 31 बिलों में बिक्री की तारीख अंकित नहीं और 19 बिलों में बिल संख्या नहीं लिखी गई थी। 23 विद्यालयों के पास धन व्यय का उपयोग प्रमाण पत्र पाया गया लेकिन बिल वाउचर नहीं पाए गए।

ज्यादा दाम में बेचे सामान

खेलकूद की किट फर्रुखाबाद की फर्म अग्रवाल स्पोर्ट्स एवं गिफ्ट सेंटर (3560 रुपये), अवस्थी स्पोर्ट्स (3720 रुपये) व पार्थ इंटरप्राइजेज (3545 रुपये) से खरीदी गई थी। बिल कोटेशन स्पोर्ट्स किट में उल्लिखित सामग्री को उक्त राशि में ही आपूर्ति की जा सकती है। जबकि संबंधित सभी फर्म के बिल बिना जीएसटी की धनराशि के ही पांच हजार रुपयों के बेचे गए। जीएसटी चोरी कर मोटी रकम कमाने के लालच का भेद न खुले, इसके लिए दुकानदारों ने प्रधान अध्यापकों को कमीशन दिया था। मामला सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने आरोपी पाए गए सभी जीएसटी चोरी करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की बात कही।

Goods and Services Tax GST
Karishma Lalwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned