गेहूं खरीद केन्द्रों पर किसानों से लूट, बिचौलिया हुए हावी

जिले में सरकारी गेहूं खरीदने के लिए 60 केंद्रों को बनाया गया है।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 25 Apr 2018, 01:58 PM IST

फर्रुखाबाद. जिले में सरकारी गेहूं खरीदने के लिए 60 केंद्रों को बनाया गया है। सरकारी गेहूं खरीद के लिए पांच कम्पनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन सबसे ज्यादा खरीद केंद्र अमृतपुर क्षेत्र में बनाये गए। उनमें भी घपलेबाजी चरम सीमा पर चल रही है। कहीं का खरीद केंद्र कहीं चलाया जा रहा है।किसानों के गेहूं खरीदने के लिए उनसे इन्तखाफ मांगे जाते है जिस किसान के पास नही होते है उनका गेहूं 14.50 से लेकर 1580 रुपये में खरीद लिया जाता है जबकि बिचौलियों से गेहूं की खरीद उनके घरों पर की जा रही है।दूसरी तरफ 50 किलो की जगह 51 किलो 52 किलो किसानों का गेहूं केंद्रों पर खरीदा जा रहा है। उनको 1735 रुपये का भुगतान किया जा रहा है ।


विकास खण्ड राजेपुर के गांव आतर का केंद्र भरखा में बनाया गया लेकिन बिचौलियों द्वारा आतर में भी गेहूं खरीदा जा रहा है।किसान कहता है कि तहसील के चक्कर काटने से क्या फायदा जितने में भी गेहूं बिक रहा है वह सही है।हम लोग तो हमेशा सरकारी कर्मचारियों द्वारा लूटे जाते है चाहे वह किसी प्रकार से लूट की जाये। जिले का किसान साल भर अपने महत्वपूर्ण कामो इसलिए रोक रखता है कि गेहूं की फसल को बेचकर उन कामो को खत्म करेगा।लेकिन सरकारी खरीद के नाम पर किसानों के साथ केंद्र पर सचिब से लेकर केंद्र संचालक व्यापारियों से मिलकर किसानों को गेहूं बेचने के लिए इतने कागजात बता दिए जाते है।जिससे किसान अपना गेहूं बेचने के लिए दौड़ता रहे है।उधर व्यापारी उनसे कहते है कहा कागजो के चक्कर मे पड़ोगे गेहूं नकद बेच दो लेकिन जो सरकारी रेट है उससे एक दो रुपए कम लिया जायेगा किसान भी पैसे की जरूरत के चलते अपना गेहूं बिचौलियों को बेच रहा है।जब किसानों से गेहूं खरीद को लेकर उनकी दुःखती हुई नस पर हाथ रखा गया तो किसानों का दर्द बाहर आने लगा उन्होंने बताया कि हमारे गेहूं को बहुत ही सस्ता खरीदा जा रहा है सरकारी खरीद केंद्रों पर लेकिन जब अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो वह एक ही बात करते है कि जांच कराकर कार्यवाही कराई जायेगी परन्तु कोई कार्यवाही नही होती है उससे यही प्रतीत होता है कि गेहूं खरीद में जो हम लोगो के साथ घपलेबाजी की जा रही है उसमें उन अधिकारियों की भी हिस्सेदारी दिखाई दे रही है उसी बजह से कोई सुनवाई नही हो रही है।

आकांक्षा सिंह
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