हैवानियत की सारी हदें पार, गलत काम करने के बाद लड़के को जान से मारा, फिर उसके शव से भी किया कुकर्म

इस हैवान को अपनी गलती पर कतई अफसोस नहीं है...

फर्रुखाबाद. दो दिन पहले हुए छात्र अनुज कठेरिया हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अनुज के खास दोस्त साजन ने उसकी हत्या करने के बाद भी कुकर्म किया था। जिसके बाद पुलिस ने लकूला निवासी महावीर गिहार के लड़के साजन को बुधवार शाम करीब 4 बजे रोडवेज बस स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। आपको बता दें कि कक्षा 5 में पढ़ने वाला का 12 वर्षीय अनुज कठेरिया शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव चांदपुर निवासी बुलाकी राम कठेरिया का लड़का था। अनुज की चार जून की रात में कुकर्म करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। साजन ही अनुज को अपने घर से बुलाकर ले गया था। इसीलिए साजन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

 

अनुज के साथ किया कुकर्म

लगभग18 वर्षीय साजन ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि मैं अनुज के घर के पास कच्ची शराब बेचता था। अनुज शराब बेचने के अलावा वहां रहकर मदद करता था। साजन ने बताया कि वारदात वाले दिन शाम को अनुज मेरे घर पर था। करीब 8 बजे अनुज को उसके घर के पास संतोष की दुकान से नमकीन मटर खरीद कर खिलाई थी। उसके बाद अनुज को पड़ोस के नलकूप की कोठरी में ले गया। वहां उसके साथ जबरन कुकर्म किया। जिसके बाद अनुज ने कहा कि मैं घर जाकर तुम्हारी शिकायत करूंगा।

 

मरने के बाद भी किया कुकर्म

साजन ने बताया कि पकड़े जाने के डर से अनुज को नीचे गिराकर उसकी छाती पर बैठ गया। मैंने एक हाथ से उसका मुंह बंदकर दूसरे हाथ से काफी ताकत से उसका गला दबा दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। साजन ने पुलिस को बताया कि मर जाने के बाद भी मैंने अनुज के साथ कुकर्म किया। साजन ने बताया कि मैंने करीब 2 महीने पहले भी अनुज के साथ कुकर्म किया था। अनुज के अलावा कई अन्य किशोरों के साथ भी मैं कुकर्म कर चुका हूं। हैवान बने साजन को अपनी गलती पर कतई अफसोस नहीं है।

 

गांव वालों ने की पिता की पिटाई

वहीं दूसरी तरफ अनुज के गांव वालों ने गुस्से में साजन के पिता महावीर को जमकर पीटकर घायल कर दिया। पुलिस हिरासत में महावीर ने बताया कि मैं अनुज के घर की ओर गया था, तभी अनुज के गांव वाले उसका दाह संस्कार कर वापस लौट रहे थे। तभी आठ दस लोगों ने मेरे सिर पर पत्थर चलाए। डंडा और बेल्ट से मेरी जमकर पिटाई की। वहीं महावीर को छुड़वाने के लिए उसकी पत्नी बब्ली और परिवार की महिलाएं कोतवाली के बाहर डटी रहीं।

नितिन श्रीवास्तव
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