जर्जर इमारतों में चल रहे हैं थानें, पुलिसकर्मियों को सता रहा है डर

जर्जर इमारतों में चल रहे हैं थानें, पुलिसकर्मियों को सता रहा है डर

Ashish Kumar Pandey | Publish: Aug, 12 2018 10:04:44 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

एसपी बोले-हर पुलिस कर्मचारी हमारे परिवार का आदमी है, जल्द से जल्द जर्जर भवनों को बनवाया जाएगा।

 

फर्रुखाबाद. प्रदेश सरकार यूपी पुलिस के अधिकारियों के द्वारा जहां थानों को अत्याधुनिक सुविधाएं देते हुए हाईटेक किया जा रहा है, अपने पुलिस कर्मी को हर सुविधा मुहैया करा रही है, लेकिन जिन इमारतों में थाने चल रहे हैं वो जर्जर हो चुकी हैं।
पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इन जर्जर इमारतों में जान जोखिम में डालकर काम करने के लिए मजबूर हैं। खस्ता हाल इमारत की छत तले जहां पुलिस कर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं लाखों रुपये का आधुनिक सामान भी महफूज नहीं है। पुलिस कब्जे में लिए वाहनों को रखने के लिए पहले ही बेबस है, उस पर थानों की बारिश के दौरान टिपटिप करती छतों तले रिकार्ड व कंप्यूटर आदि साजो सामान को संभालना थानों के मुख्य मुंशियों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। क्योकि जिस छत के नीचे बैठकर वह काम कर रहे हैं वह किसी समय गिर सकती है फिर भी उसके नीचे बैठने के साथ काम भी करना पड़ता है।
जिले में जर्जर थाने कितने

सदर कोतवाली की दो इमारतें बिल्कुल खस्ता हाल में हैं वह किसी समय गिर सकती हैं, वहीं थाना राजेपुर जो अग्रेजों के जमाने का बना हुआ है, उसकी नींव में नोना लग चुका है, थाने में केवल एक दर्जन लोगों के लिए नया आवास बनाया गया लेकिन बाकी की बैरक में बरसात के समय पानी टपकता है, उन बैरकों में कोई भी रहने को तैयार नही है।

थाना नबाबगंज भी लगभग 100 साल पुराना होगा। जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिस वाले उसी भवन में रहने को मजबूर हैं। यदि कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। थाना कमालगंज भी अग्रेजों के हाथों का बनाया हुआ है, पिछले महीने रिपोर्ट तैयार करते समय दरोगा के ऊपर प्लास्टर गिरा था, जिससे वह बाल-बाल बच गया था।
थाना कम्पिल की इमारत भी बहुत पुरानी है। देखना यह होगा कि प्रदेश की सरकार व पुलिस अधिकारी अपने विभाग के लिए क्या करते हैं। फिलहाल पुलिस कर्मचारी और अधिकारी उन खस्ताहाल भवनों में काम करते रहे तो एक दिन न एक दिन हादसा हुआ तय है।
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि जिले में जिन थानों के भवन जर्जर हैं, उनको इंजीनियर से चेक कराकर उनको गिरवा दिया जयेगा क्योंकि हर पुलिस कर्मचारी हमारे परिवार का आदमी है, उसी वजह से जल्द से जल्द जर्जर भवनों को बनवाया जाएगा।

 

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned