भाजपा नेताओं ने की पालिका घोटाले पर कार्रवाई की मांग, नगर पालिका में खुलेआम हो रही थी घपलेबाजी

भाजपा नेताओं ने की पालिका घोटाले पर कार्रवाई की मांग, नगर पालिका में खुलेआम हो रही थी घपलेबाजी

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 05 2018 01:29:20 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

नगर पालिका में कराए गए दर्जनों विकास कार्यो में हुई घपलेवाजी का बिन्दुवार दर्शाया गया है।

फर्रुखाबाद. सदर नगर पालिका में कई वर्षों से एक सड़क को चार बार कागजों में बनवाया जाता है लेकिन वह सड़क केवल एक बार बनवाई जाती है। वहीं पालिका में सैकड़ों वाहन खरीदे जाते हैं लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के नगर प्रतिनिधि दिलीप भारद्वाज में कमिश्नर के सामने नगर पालिका में हुए घोटालों के कागजात जिले के अधिकारियों के सामने उनके हाथों में दिए। जिनमें नगर पालिका में कराए गए दर्जनों विकास कार्यो में हुई घपलेवाजी का बिन्दुवार दर्शाया गया है। नगर पालिका की घपलेवाजी की शिकायत जिलाधिकारी मोनिका रानी से कई बार की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सांसद प्रतिनिधि का कहना है कि नगर पालिका में जो आमदनी होती है, पिछले महीनों की अपेक्षा सितम्बर माह में लाखों रुपए की कमी दिखाई गई है। जबकि हर किसी में टैक्स बढ़ाया गया है लेकिन आमदनी में कमी कैसे आ गई। नगर पालिका के हर विभाग में हुए कार्यों में घोटाले बाजी की गई है। उसको लेकर कई बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं लेकिन अभी तक किसी कर्मचारी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

आखिर क्यों नहीं हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने वादा किया था कि कोई भी घोटालेबाज खुलेआम नहीं रह सकेगा लेकिन अधिकारियों और बहुत से नेताओं ने अपने निजी लाभ के लिए उनसे हाथ मिला लिया है। जिसका सबूत यह है कि चार विधायक होने के बाबजूद भी अभी तक सैकड़ों शिकायतों के बाबजूद किसी भी अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। भाजपा सांसद यह अंदाजा लगा रहे है कि यदि हाथ की पांचों उंगलियां एक साथ काम करें तो नतीजा अलग ही दिखाई दे सकता है लेकिन जिले में भाजपा सरकार के कुछ नेता एक साथ मिलकर काम करना नहीं चाहते हैं। उसी बजह से अधिकारी अपनी मर्जी से काम कर रहे हैं।

कराई गई कई विभागों की जांच

अभी तक जिले में कई विभागों की जांच कराई गई। सभी में बड़े स्तर पर घोटालेबाजी सामने आई लेकिन जिलाधिकारी ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की आखिर डीएम मोनिका रानी के सामने क्या मजबूरी है कि वह घूस खोर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे क्यों हट रही हैं। यह बात जब मीडिया ने कई बार पूछा तो उन्होंने यही कहा कि जो जांच रिपोर्ट थी वह शासन को भेज दी गई है है तो क्या कमी शासन की है जिलाधिकारी रिपोर्ट गई है या नहीं, नगर पालिका की तरह कागजों पर ही कार्रवाई पूरी कर दी गई हो।

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