मोहब्बत की तो कोई सूरत नहीं होती...

मोहब्बत की तो कोई सूरत नहीं होती...
National Poet Conference

| Publish: Jan, 26 2018 09:29:15 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविता से श्रोताओं को खूब हंसाया।

 

फर्रुखाबाद. माघ मेला रामनगरिया अपरा काशी पांचाल घाट के सरकारी पाण्डल में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के प्रसिद्ध कवियों को काव्य पाठ के लिए बुलाया गया था। मंच का संचालन राष्ट्रीय कवि शिवओम अम्बर ने किया। कवि सम्मेलन को सुनने के लिए आस पास के जिलों से भारी संख्या में लोग काफी रात तक डटे रहे।

भोपाल से पधारे कवि चौधरी मदन मोहन समर ने अपने काव्य पाठ से लोगों की खूब बाहवाही लूटी। उन्होंने अपने काव्य पाठ में कहा कि
यह वक्त बहुत ही नाजुक है।
हम पर हमले दर हमले है।
दुश्मन का दर्द यही तो है।
हम हर हमले पर सम्भले हैं।
सैनिक सीमा साधे रहना
हम भीतर देश बचाएंगे
तुम कसम निभाना सरहद की
हम अपना नमक चुकाएंगे।।
कानपुर नगर से पधारे कवि डॉक्टर सुरेश अवस्थी ने अपने काव्य पाठ में कहा-

मोहब्बत की तो कोई सूरत नहीं होती।
यह है तो कोई जरूरत नहीं है
मेरी माँ से मोरनी मेरी माँ सी प्यारी मेरी दृष्टि में कोई औरत नहीं होती।
अंसार कम्बरी ने अपनी कविता में कहा कि
-मातु कृपा इतनी कर देना
अपनी वीणा के मीठे स्वर अधरों पर धर देना।
बाल्मीकि के जाप से निकला यह परिणाम। श्रद्धा होनी चाहिए मरा कहो या राम।।
जो चार दिन मिले उन्हें प्रेम से जियो।
ये हिन्दू मुसलमान घड़ी दो घड़ी है
तू मान या न मान घड़ी दो घड़ी है। ये जिस्म का मकान घड़ी दो घड़ी का है।
शनि शर्मा ने अपनी कविता में कहा कि-
जो मिला ही नहीं वो खोता क्या
कोई बंजर जमीन पर बोता क्या
प्यार है तो यह जहाँ कायम है
प्यार होता नहीं तो होता क्या।
शिवओम अम्बर ने अपनी कविता पाठ करते हुए कहा कि-
सबके सुख में शामिल हो।
दुख में साझेदारी रख श्रीमद्भगवत गीता पढ़। युद्ध निरन्तर जारी रख।
प्रमोद तिवारी ने अपनी कविता में कहा कि
मैं कबीर तुलसी का वंशज दरबारों में नहीं मिलूंगा
उत्कर्ष अग्निहोत्री ने अपनी कविता करते हुए कहा-
रिश्तों में पड़ती नहीं यू ही दरार
कुछ तुम जिम्मेदार हो कुछ हम जिम्मेदार।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ जिलाधिकारी मोनिका रानी, एसपी मृगेंद्र सिंह ने दीप जलाकर किया। रात्रि भर कवि सम्मेलन में सभी अधिकारी शांति से बैठकर सुनते रहे है। मेला प्रशासन की तरफ से सभी कवियों का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

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