जानिए 400 रुपए कुंतल बिकने वाला आलू यहां क्यों बिक रहा है 6000 रुपए कुंतल

जानिए 400 रुपए कुंतल बिकने वाला आलू यहां क्यों बिक रहा है 6000 रुपए कुंतल

Ashish Pandey | Publish: Jan, 13 2018 09:00:10 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

धनिया, टमाटर, मिर्च, लहसुन आदि मिलाकर तैयार करते हैं जो आलू के स्वाद में चार चाँद लगा देता है।

 

फर्रुखाबाद. उत्तर प्रदेश में इलाहबाद के बाद अपरा काशी फर्रुखाबाद में पांचाल घाट एक माह लगने वाला मेला माघ मेला रामनगरिया में हर तरफ संगम की छठा बिखरी है। हर छठा का अपना अपना महत्व है। ऐसी ही एक छठा है मेले में भुना हुआ आलू। अगर आप मेला रामनगरिया घूमने आए हैं और भुने हुए आलू का स्वाद नहीं लिया तो आपका मेला आना बेकार है। टेस्टी मसाले और हरे धनिया, टमाटर, मिर्च, लहसुन से बनी चटनी देखकर लोगों के मुँह में पानी जरूर आ जाता है।
जिले का आलू किसान भले ही अपने आलू को कौडिय़ों के भाव बेच रहा हो। मेला रामनगरिया में यही आलू महंगे दामों में बेचा जाता है। मेला रामनगरिया में आलू की आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उनकी मनपसन्द ***** बनाकर उनके सामने परोस रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो आलू मंडी में 400 रुपए कुंतल बिक रहा है वही आलू मेले में लगी दुकानों पर 6000 रुपए कुंतल बिक रहा है।

कैसे पहुंचते हैं आलू
आलू खाने वालों के सामने कैसे पहुंचते हैं आलू। दूकानदार आलू को आग पर कढ़ाई में भूनते हैं, उसके बाद उसके ऊपर के छिलके को एक पले के सहारे अलग करते हैं। आलू को टेस्टी बनाने के लिए कई प्रकार के मसाले डाल कर नमक तैयार करते हैं, उसके साथ चटनी को हरा धनिया, टमाटर, मिर्च, लहसुन आदि मिलाकर तैयार करते हैं जो आलू के स्वाद में चार चाँद लगा देता है।

इस माघ मेला में लगभग रोजाना हजारों लोगो का आना रहता है। ज्यादातर सभी लोग अपने परिवार सहित या दोस्तों के साथ आते हैं। पूरे दिन मेला में मनोरंजन करने के बाद सिर्फ आलू ही खाना पसंद करते हैं। आलू खाने के लिए लोग दिल्ली, लखनऊ से लेकर केवल एक माह में आलू का स्वाद लेने गंगा के दरबार में आते हैं। आलू खाने वालों का मानना है कि आलू कहीं भी खरीदा जा सकता है, लेकिन स्वाद इस मेले में लगी भुने हुए आलू की दुकानों पर मिलता है। वह कहीं नहीं मिलता है। वैसे भी यहां का आलू पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस एक माह के मेले में हजारों कुंतल आलू भून कर दुकानदार लोगों को खिला देते हैं। आलू भुनने वाले अपने पूरे परिवार के साथ 24 घण्टे लगातार लगे रहते हैं। तब कहीं जाकर अच्छा आलू अपने ग्रहाकों को उपलब्ध करा पाते हैं। इस बार मेले में भुना हुआ आलू 60 रुपये किलो बिक रहा है।

फर्रुखाबाद जिले की ही नहीं आस पास जिलों की यह आलू की ***** मशहूर है क्योंकि आलू को लोग नमक मसाले व चटनी, मक्खन के साथ इतने चाव से खाते हैं जैसे लोग होटलों में खाना खाने जाते हों। मेले में लगी सभी आलू की दुकानों पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता है। एक गरीब आदमी से लेकर अमीर आदमी भी जमीन पर बैठ कर आलू के स्वाद का लुफ्त उठाता है।

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