बड़ी खबर: 200 करोड़ रुपए का आलू सड़क पर, खा रहे जानवर

बड़ी खबर: 200 करोड़ रुपए का आलू सड़क पर, खा रहे जानवर
Potato Farmer

Shatrudhan Gupta | Publish: Dec, 08 2017 09:40:28 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

फर्रुखाबाद में इस बार लगभग 200 करोड़ रुपए का आलू सड़कों पर फेका जा रहा है।

फर्रुखाबाद. हर साल किसी न किसी तरीके से आलू किसानों को मार झेलनी पड़ती है। इस बार भी आलू किसान अपनी फसल न बिकने से काफी परेशान हंै। नोटबंदी के बाद से फर्रुखाबाद के आलू किसानों के न तो आलू बिक रहे हैं और न ही सीड। कोल्ड स्टोरेज से किसान अपना आलू नहीं उठा रहे हैं, जिस कारण कोल्ड मालिक कोल्ड में रखे आलू को सड़क पर फेंकने को मजबूर हैं। फर्रुखाबाद में इस बार लगभग 200 करोड़ रुपए का आलू सड़कों पर फेका जा रहा है।

किसानों को बेटियों की शादियां स्थगित करनी पड़ रहीं

जानकारी के मुताबिक लगातार घाटे के कारण आलू किसान आत्म हत्या करने को मजबूर हो रहा हैं। किसानों को बेटियों की शादियां स्थगित करनी पड़ रहीं है। किसानों की न तो अधिकारी सुन रहे हैं और न ही प्रदेश की योगी सरकार। प्रदेश सरकार की बेरुखी से परेशान फर्रुखाबाद के आलू किसान सरकार को चेताने के लिए कभी अपने आलू सड़कों पर फेंकने के लिए मजबूर होते हैं और कभी स्टोरों में ही खराब हो जाते हंै। किसानों ने पहले की तरह अगैती आलू इस बार भी पूरी उम्मीद के साथ किया। उन्हें यह अंदाजा था कि नए आलू के रेट ठीक ठाक आएंगे। मगर किसानों को नए आलू के रेट बाजिव नहीं मिल पा रहे हैं। अगैती आलू की शुरुआत ही किसानों के लिए मायूसी भरी रही। क्योंकि अगैती आलू का रेट पूर्व में एक हजार रुपए कुंतल से भी अधिक रह चुका है।

चार लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में पड़ा

लाखों टन आलू सड़क किनारे फेंका जा रहा है और इसे अब जानवर खा रहे हैं। फर्रुखाबाद के 70 कोल्ड स्टोरेज में चार लाख मीट्रिक टन आलू पड़ा हुआ है, जिसे किसान वापस लेकर ही नहीं जा रहे हैं। वजह है दाम कम मिलने से होने वाला घाटा। योगी सरकार की पहल पर हुई आलू की सरकारी खरीद भी किसानों को इस घाटे से नहीं उबार सकी। आलू व्यापारी अशोक कटियार ने बताया कि आलू की आवक बढ़ रही है। लागत के मुकाबले रेट कम हैं। आलू किसानों की मानें तो यह सब ऐसी स्थितियां आ रही हैं, जिससे कि आने वाले समय में उन्हें इस खेती से मोह छोडऩा पड़ेगा।

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