रेलवे क्रॉसिंग बंद करने पर भड़के ग्रामीण, दिल्ली रोड पर लगाया जाम

रेलवे क्रॉसिंग बंद करने पर भड़के ग्रामीण, दिल्ली रोड पर लगाया जाम
Indian Railway

Shatrudhan Gupta | Updated: 10 Dec 2017, 10:47:46 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बीती रात रेल कर्मियों द्वारा मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को बंद कर दिये जाने से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर आ गये।

फर्रुखाबाद. बीती रात रेल कर्मियों द्वारा मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को बंद कर दिये जाने से आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर आ गये। उन्होंने कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने उन्हें किसी तरह समझा-बुझा कर जाम खुलवाया, तब कहीं वाहन चालकों और राहगीरों को राहत मिल सकी।

थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के हथियापुर रशीदपुर मार्ग पर 143/10 व 144/1 के बीच मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग कई दशकों से है, जो अमलैया, गंगोली, टीका नगला, बीसलपुर, महमदपुर, किसानन नगला, भूडनगला, बेनीनगला, गुजरपुर व लोहापानी सहित लगभग 14 गांवों के लोगों के निकलने का रास्ता है। जब ग्रामीणों को पता चला की रेलवे ने मानव रहित क्रॉसिंग बंद कर दी है तो वह आक्रोशित होकर सैकड़ों की संख्या में सड़क पर आ गये। उन्होंने रेलबे द्वारा बंद किये गये फाटक को तोड़कर फेंक दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण पुन: मौके पर महिलाओं व बच्चों के साथ पंहुचे और उन्होंने कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। तकरीबन एक घंटे तक जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सूचना मिलने पर थाने के प्रभारी निरीक्षक भुवनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान उनकी ग्रामीणों से जमकर नोकझोंक हुई। बाद में उन्होंने ग्रामीणों को समझा कर जाम खुलवाया। वहीं, बाद में सूचना पर जीआरपी भी पहुंची, लेकिन सभी गांवों वालो ने क्रॉसिंग से अपने घर नही जा रहे थे। कुछ ग्रामीण रेलगाड़ी को रोकने की फिराक में थे। देखना यह होगा कि क्या रेलवे विभाग अपने कानूनों से जनता के लिए समझौता करेगा।

... तो 14 गांवों के लोगों को होगी दिक्कत

मालूम हो कि देश मे रेलवे विभाग ने सभी मानव रहित क्रॉसिंग बंद करने के आदेश बहुत समय पहले जारी कर चुका है।उसी के चलते रेलवे विभाग ने उसकी शुरुआत की थी, लेकिन जिस क्रॉसिंग से दर्जनों गांव वाले निकलते हंै। यदि आज यह क्रॉसिंग बन्द हो गई तो 14 गांव के लोग अपने अपने गांव में कैद हो जाएंगे। उन गांव वालों को शहर जाना भी पड़े तो कई किलोमीटर घूमकर शहर पहुंच सकते हैं। आगे यह मामला कहा तक पहुंचता है, देखना बाकी है। पुलिस के कहने पर आज तो ग्रामीण मान गए, लेकिन कल क्या होगा यह नहीं पता।

क्या फाटक तोडऩे वाले ग्रामीणों पर दर्ज होगा केस

जिस प्रकार से रेलवे विभाग ने मानव रहित क्रॉसिंग पर फाटक लगाकर बन्द कर दिया था, उसकों ग्रामीणों ने तोड़ कर फेंक दिया। उसके बाद जाम लगा दिया। रेलवे के खिलाफ लोगों की मानें तो कोई वाहन जब रेलवे फाटक को तोड़ देता है तो उस वाहन को पकड़कर उसके वाहन मालिक के ऊपर रेलवे कानून के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। यहां तो गांव वालों ने पूरा फाटक ही उखाड़ फेंक दिया। क्या अब ग्रामीणों पर भी कार्रवाई होगी क्या?

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