फर्जीवाड़े से कर रहा था सिपाही की भर्ती, पुलिस ने पकड़ कर डाला जेल में

फर्जीवाड़े से कर रहा था सिपाही की भर्ती, पुलिस ने पकड़ कर डाला जेल में

Akansha Singh | Publish: Jul, 14 2018 11:25:43 AM (IST) | Updated: Jul, 14 2018 11:27:00 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

पुलिस की सतर्कता से सिपाही की भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाला नितेंद्र उर्फ पिंटू यादव पकड़ा गया।

फर्रुखाबाद. पुलिस की सतर्कता से सिपाही की भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाला नितेंद्र उर्फ पिंटू यादव पकड़ा गया। उसके विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसी मामले में गलत वेरिफिकेशन करने वाला दरोगा कीर्ति प्रकाश कनौजिया निलंबित हुआ है। थाना मेरापुर के ग्राम शयोगनपुर पमर खिरिया निवासी प्रेम सिंह यादव के पुत्र नितेंद उर्फ पिंटू वर्ष 2015 में फर्जी कागज लगाकर सिपाही में भर्ती हो गया था। पिंटू ने कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम नगला रमिया निवासी अपने सा-ले रजनीश की हाईस्कूल, इंटर एवं बीए की मार्कशीट तथा अपना फोटो लगाकर आवेदन किया था। पिंटू को तैनाती के लिए जनपद आगरा आवंटित कर दिया गया।

पिंटू का वेरिफिकेशन कोतवाली मोहम्मदाबाद भेजा गया तो वहां के हलका इंचार्ज दरोगा कीर्ति प्रकाश कनौजिया ने गहराई से बिना जांच किए नितेंद्र का वेरिफिकेशन कर दिया। एसपी अतुल शर्मा के निर्देश पर विभागीय कर्मचारियों ने रिक्रूटो की गहराई से जांच की तब पता चला कि नितेंद्र ने फर्जी कागज लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने सीओ मोहम्मदाबाद से मामले की जांच करवाई तो आरोप सही पाए गए। जांच में पिंटू को थाना मेरापुर में 1 फरवरी 2017 को अपराध संख्या 100/ 117 के तहत दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट का आरोपी पाया गया।

सेंट्रल नई दिल्ली आनंद पर्वत नई बस्ती निवासी अमर सिंह ने 12 मई 2017 को अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध दुष्कर्म के प्रयास एवं पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी न 11 वर्षीय बालिका के साथ रेप का प्रयास किया था। पुलिस की जांच में नितेंद्र प्रकाश में आया था। पुलिस ने 11 अगस्त को पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमे के विवेचक अश्वनी कुमार ने 19 अगस्त 2017 को को मुकदमे में चार्च सीट लगाई।

पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने नितेन्द्र के फर्जीबाडे की जानकारी देते हुये बताया कि इसी मामले में गलत वेरीफीकेशन करने की लापरवाही में दरोगा कनौजिया को निलंबित किया गया। पुलिस की सतर्कता से फर्जीबाडे का खुलासा हुआ है। सीओ मोहम्मदाबाद को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया। कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर झांझनलाल सोनकर ने बताया कि सीओ के आदेश पर नितेन्द्र के विरूद्ध धोखाधडी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।


पिछली सरकार के दौरान हुई पुलिस भर्ती में युवक ने अपनी फोटो लगाकर शैक्षिक प्रमाण पत्र अपने सा-ले के लगा दिए। जब पुलिस मुख्यालय से सिपाही के प्रमाण पत्र जांच के लिए आए तब गलत प्रमाण पत्रों का पर्दाफाश हुआ। जांच करने के बाद सीओ मोहम्मदाबाद ने फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। अब पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव श्योगनपुर निवासी नितेंद्र यादव पुत्र प्रेम सिंह यादव पूर्ववर्ती सपा सरकार में पुलिस में भर्ती हुआ था। उस समय जांच पूरी होने के बाद नितेंद्र को जनपद आगरा में तैनाती भी मिल गई। प्रशिक्षण से पहले पुलिस मुख्यालय से उसके शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराने के निर्देश हुए तो नितेंद्र यादव द्वारा शैक्षिक अभिलेखों में की गई हेराफेरी पकड़ में आ गई। इस मामले में पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने जांच सीओ मोहम्मदाबाद को दी। जांच करने के बाद सीओ अखिलेश राय ने शुक्रवार को फतेहगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। सीओ ने बताया कि नितेंद्र ने मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला रमियां निवासी अपने सा-ले रजनीश यादव के प्रमाण पत्रों पर अपनी फोटो लगाकर गांव रमियां के पते से पुलिस भर्ती में शामिल हुआ। जब नितेंद्र की पत्नी को प्रमाण पत्र दिखाए तो उन्होंने उक्त फोटो अपने पति की बताई और प्रमाण पत्र भाई रजनीश के होने बताए। सीओ ने बताया कि नितेंद्र घर पर नहीं मिला और नही रजनीश।

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