फेस्टिव सीजन में ट्राय करें कलरफुल जयपुर ज्वैलरी

कंटेम्परेरी ज्वैलरी पैटर्न में इस समय हैंड पेंटिंग का विशेष अट्रैक्शन दिख रहा है। यूनीक और ब्राइट होने के कारण इसका एक अलग ही रूझान छाया हुआ है।

October, 0510:08 AM

कंटेम्परेरी ज्वैलरी पैटर्न में इस समय हैंड पेंटिंग का विशेष अट्रैक्शन दिख रहा है। यूनीक और ब्राइट होने के कारण इसका एक अलग ही रूझान छाया हुआ है। शहर के मार्केट्स की बात करें या फि र ऑनलाइन स्टोर्स की, जयपुर की हैंडमेड पेंटेड ज्वैलरी देशभर की महिलाओं का ध्यान खींच रही हैं। सिल्वर ज्वैलरी में जहां मीनाकारी के एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं, वहीं मेटल में हाथों से पेंटिंग हो रही है। यही नहीं लाख के चूड़ों में भी कलाकार ट्रेडिशनल जरकिन, मशीन कट या फि र अन्य बीड्स के अलावा हैंड पेंटिंग भी कर रहे हैं।

सिल्वर में हो रही है मीनाकारी

ज्वैलरी डिजाइनर अंशु राजा जैन कहते हैं ‘आज से पांच साल पहले तक ट्रेडिशनल मीनाकारी सिर्फ गोल्ड ज्वैलरी में नजर आती थी। लेकिन उसी पुरानी तकनीक से अब सिल्वर पर भी मीनाकारी होने लगी हैं, जिसे काफी पसंद किया जाता है। इसके तहत कांच को पिघलाकर हैंडपेंट किया जाता है। माना जाता था कि यह सिल्वर पर मुमकिन नहीं हैं, लेकिन आज यह ज्वैलरी सभी को लुभा रही है। वहीं, मेटल पर भी हैंड पेंटिंग का रूझान बढ़ा हैं। खासकर किशनगढ़ में इस तरह की ज्वैलरी तैयार होती है। इसमें हाथों से मेटल पर पेंटिंग बनाई जाती हैं और फि र उसे स्प्रे से लेमिनेट करते हैं।’

साउथ इंडिया में डिमांड

एक्सपर्ट रामकिशन बताते हैं कि इस समय आर्टिस्टिक ज्वैलरी में भी न्यू एलिमेंट्स डाले जा रहे हैं। इनमें हैंड पेंटिंग का ज्यादा से ज्यादा यूज किया जा रहा है। ये रॉयल लुक देती हैं। हमारे पास इस तरह की आर्टिस्टिक ज्वैलरी के लिए साउथ इंडिया से काफ डिमांड आती है। हैंडपेंटिंग का यूज नेकलेस में सबसे ज्यादा होता है।

मैजिक इन क्ले

क्ले या फि र टेराकोटा ज्वैलरी में तो चित्रकारी ने अहम पहचान बना ली है। बायर्स को देखते हुए आर्टिजंस इस तरह की आर्टिफि शियल ज्वैलरी को बनाने में काफ ी रूचि दिखा रहे हैं। ड्यूरेबल बनाने के लिए इनमें भी नई-नई तकनीकों को शामिल किया जा रहा है।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned