विद्यालय का बुरा हाल: कबाड़ में बेंच दी गईं सरकारी किताबें

विद्यालय का बुरा हाल: कबाड़ में बेंच दी गईं सरकारी किताबें
विद्यालय का बुरा हाल: कबाड़ में बेंच दी गईं सरकारी किताबें

Ashish Kumar Shukla | Updated: 06 Jul 2019, 09:04:31 PM (IST) Fatehpur, Fatehpur, Uttar Pradesh, India

सरकार की इस मुहिम को उसी के नुमाईंदे चूना लगाने में जुटे हैं

फतेहपुर. सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत पढ़ाई के लिए लाखों करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। प्राइमरी और जूनियर के सरकारी विद्यालयों में मुफ्त में ड्रस से लेकर भोजन और किताबें तक दी जाती हैं। लेकिन सरकार की इस मुहिम को उसी के नुमाईंदे चूना लगाने में जुटे हैं। मामला फतेहपुर की खागा तहसील के धाता बीआरसी का है।

जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए दी जाने वाली किताबों को बीआरसी के कर्मचारियों ने कबाड़ी के हाथों बेंच दिया। बतादें कि ये किताबें साल 2016-17 और 2018 की हैं। पोल तब खुल गई जब कबाड़ी की दुकान में तौलते वक्त तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं। जिम्मेदार जांच कराने के बाद कार्रवाई करने की बात करने लगे। सवाल उठता है कि अगर सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है तो क्या बच्चों को दी जाने वाली किताबों पूरी तरह से बांटी तक नहीं जा रही है।

क्योंकि अगर किताबें बांटी जाती तो ये किताबें कहां से आ जाती। बतादें कि किताबें बीआरसी से बाकायदा ट्रैक्टर पर लादाकर कबाड़ी की दुकान पर भेजी गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर सब ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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