दाऊद और हाजी मस्तान को अपने इशारों पर नचाती थी यह माफिया क्वीन

abhishek tiwari1

Publish: Apr, 08 2017 12:19:00 (IST)

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दाऊद के लिए पत्थर की लकीर हुआ करता था जेनाबाई का आदेश

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आज भले ही अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत समेत पूरी दुनिया के लिए सरदर्द बना है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब दाऊद और उसका गॉडफादर हाजी मस्तान एक महिला के इशारे पर नाचते थे। आज हम आपको मुंबई की माफिया क्वीन जेनाबाई दारुवाला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका हर आदेश दाऊद के लिए पत्थर की लकीर हुआ करता था।

अंडरवर्ल्ड की रिपोर्टिंग करने वाले जाने माने पत्रकार और लेखक हुसैन जैदी की किताब माफिया क्वींस ऑफ मुंबई के मुताबिक 1920 के आरंभिक वर्षों में मुसलमान मेमन हलाई के परिवार में पैदा हुई जैनब उर्फ जेनाबाई छह भाई बहनों में से एक थी। यह परिवार मुंबई के डोंगरी इलाके के एक चॉल में रहता था। परिवार के गुजर बसर के लिए पिता सवारियां ढोने का काम करता था।

आजादी की लड़ाई में थी शामिल
कहा जाता है कि बीसवीं सदी का तीसरा दशक आने तक वह डोंगरी में आजादी की लड़ाई के लिए महात्मा गांधी के आंदोलन में शामिल हुई थी। जेनाबाई जब सिर्फ 14 साल की थी तब उसकी शादी हो गई। शादी के बाद भी वह आंदोलन से जुड़ी रही। उस दौरान किसी हिंदू को कानून या पुलिस से बचा लेने पर उसे अपने पति की मार भी खानी पड़ती थी। 1947 में बंटवारे के दौरान जेनाबाई ने मुंबई छोड़ने से मना कर दिया और इस बात से नाराज उसका पति उसके 5 बच्चों को छोड़कर पाकिस्तान चला गया।

आगे की स्लाइड में जानिए जेनाबाई ने कैसै शुरू की स्मगलिंग

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