Childrens Day 2017 अपने लाड़ले से लीजिए ये प्रॉमिस, सुधर जाएगी जिंदगी

मोबाइल और टीवी के दूरी बनाकर बच्चों की कई आदतों को सुधारा जा सकता है। Childrens Day 2017 को लेकर यहां चल रही तैयारियां

By: harinath dwivedi

Published: 13 Nov 2017, 10:44 PM IST

होशंगाबाद। राहुल और संजना हम उम्र हैं। दोनों की उम्र करीब 10-11 साल है। एक साल पहले उन्होंने अपने पैरेंट्स से Childrens Day पर घर के बाहर खाना खाने की जिद की। बदले मेें उन्होंने विश पूरी करते हुए कुछ प्रॉमिस लिए जो बाद मेें उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुए। तो इस Childrens Day पर आप भी अपने लाड़ले से ये प्रॉमिस लेकर उसकी जिंदगी सुधारने में अहम योगदान दे सकते हैं। कहते हैं बाल दिवस बच्चों का दिन रहता है। जितना अच्छा बच्चों को लगता है उतना ही अच्छा उनके पैरेंट्स को भी लगता है। क्योंकि कहते हैं कि अपने बच्चों की खुशी देखकर ही पैरेंट्स भी खुश होते हैं। कहते हैं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के बच्चों से काफी लगाव था इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है।

 

अधिक मोबाइल चलाना ठीक नहीं : मोबाइल आज से समय में जितना हमारी जरूरत हो गया है, बच्चे भी उसमें उतने ही व्यस्त रहते हैं। कई बार बच्चे ऐसे टॉपिक पर भी पहुंच जाते हैं, जहां उनके लिए पहुंचना ठीक नहीं होता है। हाल ही में ब्लू व्हेल का उदाहरण हम सबके सामने है। इसलिए बच्चे को बेहतर जीवन और समय के साथ शारीरिक और मानसिक रुप से संपन्न होने के लिए मोबाइल से दूर रहने का प्रॉमिस लें।

 

काल्पनिक दुनिया से सुंदर है बाहर की दुनिया : आप अपने लाड़ले को बताएं कि टीवी के बाहर भी दुनिया है। जो टीवी की काल्पनिक दुनिया से खूबसूरत है। इसमें प्रकृति के कई रंग हैं। दरअसल आज देखा जाता है कि बच्चे जितने भी समय तक घर में रहते हैं बस टीवी से ही चिपके रहते हैं। खाना-पीना और लाड़ प्यार भी वहीं होता है। ऐसे में बाहरी माहोल में जाने के बाद वह शारीरिक रुप से स्वस्थ्य होंगे और निरोग रहेंगे।

 

पढ़ाई जीवन का अहम पार्ट : आज का सबसे अहम पार्ट होता है पढ़ाई। कई बार परिवार वालों के लाड़ प्यार के कारण बच्चा स्कूल पर ध्यान नहीं देता है। जिसका परिणाम खराब रिजल्ट के रुप में सामने आता है। इस कारण समय-समय पर होने वाली पैरेंट्स मीटिंग्स में स्टूडेंट्स के साथ बच्चे भी दूसरों के सामने शर्मिंदा होते हैं। इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए यह प्रॉमिस जरूरी है।

 

कुछ भी न छिपाए : कई बार आपका बच्चा घर के बाहर होने वाले कई घटनाक्रम को अपने माता-पिता से छिपा लेते हैं। जिस कारण वर्तमान में तो कोई खास असर नहीं होता लेकिन बाद उसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं। यह घटनाक्रम कोई हादसा हो सकता है या फिर किसी के द्बारा दी गई धमकी भी हो सकती है।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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