दशहरा उत्सव आज : इस उपाय से भगवान राम करेंगे हर मनोकामना पूरी

दशहरा उत्सव आज : इस उपाय से भगवान राम करेंगे हर मनोकामना पूरी
दशहरा उत्सव आज : इस उपाय से भगवान राम करेंगे हर मनोकामना पूरी

Shyam Kishor | Updated: 08 Oct 2019, 10:08:07 AM (IST) त्यौहार

Dashara Festival Today's 8 october : जीवन के हर क्षेत्र में विजश्री पाने के लिए दशहरे के दिन श्री रामायण के इन उपायों को करने से भगवान श्रीराम करेंगे सभी मनोकामना पूरी।

आज 8 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। इस पर्व को विजया दशमी के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन रामायण में दिए गए इस उपाय को करने से व्यक्ति के जीवन की समस्याएं दूर हो जाती है एवं भगवान श्रीराम प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। जीवन के हर क्षेत्र में विजश्री पाने के लिए दशहरे के दिन श्री रामायण जी की इन चौपाईयों एवं दोहे का जप एक मंत्र की तरह करने से भगवान श्रीराम करेंगे सभी मनोकामना पूरी।

 

पापाकुंशा एकादशी 9 अक्टूबर 2019 : हजार अश्वमेध यज्ञों का मिलता है फल इस दिन उपवास रखने से

1- नाथ न रथ नहि तन पद त्राना।
केहि बिधि जितब बीर बलवाना॥
सुनहु सखा कह कृपानिधाना।
जेहिं जय होइ सो स्यंदन आना
अर्थात- हे नाथ आपके पास न रथ है, न तन की रक्षा करने वाला कवच है और न जूते ही है। वह बलवान्‌ वीर रावण किस प्रकार जीता जाएगा? कृपानिधान श्री रामजी ने कहा- हे सखे सुनो, जिससे जय होती है, वह रथ दूसरा ही है॥

2- सौरज धीरज तेहि रथ चाका।
सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका॥
बल बिबेक दम परहित घोरे।
छमा कृपा समता रजु जोरे ॥
अर्थात- शौर्य और धैर्य उस रथ के पहिए है। सत्य और शील (सदाचार) उसकी मजबूत ध्वजा और पताका है। बल, विवेक, दम (इंद्रियों का वश में होना) और परोपकार- ये चार उसके घोड़े हैं, जो क्षमा, दया और समता रूपी डोरी से रथ में जोड़े हुए हैं॥

 

शरद पूर्णिमा : चांद की रोशनी में जरूर करें ये काम, असाध्य रोगों से मिल जाएगी मुक्ति

3- ईस भजनु सारथी सुजाना।
बिरति चर्म संतोष कृपाना॥
दान परसु बुधि सक्ति प्रचंडा।
बर बिग्यान कठिन कोदंडा॥
अर्थात- ईश्वर का भजन ही (उस रथ को चलाने वाला) चतुर सारथी है। वैराग्य ढाल है और संतोष तलवार है। दान फरसा है, बुद्धि प्रचण्ड शक्ति है, श्रेष्ठ विज्ञान कठिन धनुष है॥

4- अमल अचल मन त्रोन समाना।
सम जम नियम सिलीमुख नाना॥
कवच अभेद बिप्र गुर पूजा।
एहि सम बिजय उपाय न दूजा॥
अर्थात- निर्मल (पापरहित) और अचल (स्थिर) मन तरकस के समान है। शम (मन का वश में होना), (अहिंसादि) यम और (शौचादि) नियम- ये बहुत से बाण हैं। ब्राह्मणों और गुरु का पूजन अभेद्य कवच है। इसके समान विजय का दूसरा उपाय नहीं है॥

************

दशहरा उत्सव आज : इस उपाय से भगवान राम करेंगे हर मनोकामना पूरी
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned