महाशिवरात्रि 2019: इस दिन भगवान शिव को भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीज़, वरना हो जाएंगे नाराज़

महाशिवरात्रि 2019: इस दिन भगवान शिव को भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीज़, वरना हो जाएंगे नाराज़

Tanvi Sharma | Publish: Feb, 17 2019 04:33:39 PM (IST) त्यौहार

महाशिवरात्रि 2019: इस दिन भगवान शिव को भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीज़, वरना हो जाएंगे नाराज़

देवी-देवताओं की पूजा में हम कई तरह की सामग्रियों का उपयोग करते हैं जिनसे भगवान को प्रसन्न किया जा सके। हिंदू धर्म के अनुसार महादेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यूं तो सोमवार के दिन शिव जी का दिन माना जाता है लेकिन इसके अलावा साल में एक बार आने वाली महाशिवरात्रि को भी शिव जी आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है। इसलिए इस दिन सभी लोग बड़ी धूम-धाम से शिव आराधऩा करते हैं व विधि-विधान से शिव अभिषेक करते हैं। इस बार महाशिवरात्रि 4 मार्च, सोमवार के दिन पड़ रही है। इस दिन शिव जी को प्रसन्न करने के लिए सभी घरों व मंदिरों में पूजा करते हैं।

mahashivratri 2019

सभी देवों में भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं व जल्दी वरदान भी देते हैं। लेकिन शिव जी जितना जल्दी प्रसन्न होते हैं उतना ही जल्दी क्रोधित भी हो जाते है और भगवान शिव का रौद्र रूप काफी भयभीत करने वाला होता है। महादेव को भांग, धतूरे का चढ़ावा बहुत पसंद है, पर कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिनका उपयोग शिव आराधना के दौरान वर्जित माना गया है। शिवपुराण के अनुसार शिव भक्तों को कभी भी शिव जी को तुलसी, हल्दी और सिंदूर सहित ये उन्य वस्तु नहीं चढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो वस्तुएं....

mahashivratri 2019

1. कुमकुम या सिंदूर
सिंदूर, विवाहित स्त्रियों का गहना माना गया है। सिंदूर या कुमकुम हिंदू महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए लगाती हैं। जैसा की हम जानते हैं कि भगवान शिव विध्वंसक के रूप में जाने जाते हैं इसलिए शिवलिंग पर कुमकुम नहीं चढ़ाया जाता है।

2. हल्दी ना चढ़ाएं
शिवजी के अतिरिक्त लगभग सभी देवी-देवताओं को पूजन में हल्दी गंध और औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है। शिवलिंग पर हल्दी कभी नहीं चढ़ाई जाती है क्योंकि यह महिलाओं की सुंदरता को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होती है। और शिवलिंग भगवान शिव का प्रतीक है।

3. तुलसी की पत्ती
वैसे तो तुलसी की पत्तियां पूजा में काम आती है, लेकिन भगवान शिव की पूजा के लिए नहीं करना चाहिए। कहा जाता है की भगवान शिव ने जालंधर नामक राक्षस का वध किया था और जालंधर की पत्‍नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। इसलिए वृंदा ने भगवान शिव की पूजा में तुलसी के प्रयोग वर्जित है।

4. शंख से जल
भगवान शिव की पूजा में शंख का उपयोग वर्जित होता है। दैत्य शंखचूड़ के अत्याचारों से देवता परेशान थे। भगवान शंकर ने त्रिशुल से उसका वध किया था, जिसके बाद उसका शरीर भस्म हो गया। शंखचूड़ के भस्म से ही शंख की उत्पत्ति हुई थी। यही कारण है की शिवजी की पूजा में शंख का उपयोग नहीं किया जाता और शिव जी को कभी भी शंख से जल अर्पित नहीं किया जाता है।

5. नारियल का पानी
शिवलिंग पर नारियल अर्पित किया जाता है लेकिन इससे अभिषेक नहीं करना चाहिए। इसलिए शिव पर नारियल का जल नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव की पूजा में नारियल प्रयोग नहीं किया जाता है और नारियल को लक्ष्‍मी का रूप माना गया है, इसलिए भगवान शिव को छोड़कर सभी शुभ कार्यों में नारियल का प्रयोग होता है।

6. केतकी के फूल
पौराणिक कथा के अनुसार केतकी फूल ने ब्रह्मा जी के झूठ में साथ दिया था, जिससे नाराज होकर भोलनाथ ने केतकी के फूल को श्राप दिया। शिव जी ने कहा कि शिवलिंग पर कभी केतकी के फूल को अर्पित नहीं किया जाएगा। इसी श्राप के बाद से शिव को केतकी के फूल अर्पित किया जाना अशुभ माना जाता है।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned