Ganga saptami: गंगा सप्तमी के दिन सुबह सबसे पहले करें ये काम, हजारों गुना मिलेगा फल

Ganga saptami: गंगा सप्तमी के दिन सुबह सबसे पहले करें ये काम, हजारों गुना मिलेगा फल

Tanvi Sharma | Publish: May, 10 2019 06:01:39 PM (IST) | Updated: May, 10 2019 06:01:40 PM (IST) त्यौहार

गंगा सप्तमी के दिन सुबह सबसे पहले करें ये काम, हजारों गुना मिलेगा फल

वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को गंगा सप्तमी मनाई जाती है। इस साल गंगा सप्तमी 11 मई 2019 को मनाई जाएगी। गंगा सप्तमी को उत्तर भारत में खास तरह से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार माना जाता है की इस दिन गंगा मैय्या जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित हुई थी। इसलिए गंगा सप्तमी को जान्हु सप्तमी भी कहा जाता है। इस दिन गंगा पूजन किया जाता है और नदी में स्नान भी किया जाने का विधान है। दान-पुण्य की दृष्टि से भी गंगा सप्तमी बहुत ही फालदायनी मानी जाती है।

गंगा सप्तमी के दिन स्नान व पूजा का मुहूर्त

गंगा सप्तमी मध्याह्न मुहूर्त - 10:58 से 13:38 बजे तक

सप्तमी तिथि आरंभ - 21:41 (10 मई 2019)

सप्तमी तिथि समाप्त - 19:44 (11 मई 2019)

 

ganga saptami

गंगा सप्तमी पर क्या करें

- गंगा सप्तमी एक प्रकार से गंगा मैया के पुनर्जन्म का दिन होता है, इसलिये इस दिन को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है।

- गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान का बहुत महत्व है। यदि गंगा जी में स्नान करना संभव नहीं होता है तो घर में ही नहाने के पानी में गंगा जल की कुछ बूंदे मिलाकर उससे स्नान कर सकते हैं।

- स्नानादि के बाद गंगा मैया की प्रतिमा का पूजन करें।

- इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है।

- इसके अलावा गंगा को अपने तप से पृथ्वी पर लाने वाले भगीरथ की पूजा करें।

- गंगा पूजन के साथ-साथ दान-पुण्य करने का भी फल मिलता है।

 

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इस दिन हुई थी गंगा जी की उत्पत्ति

गंगा सप्तमी के दिन ही गंगा जी की उत्पत्ति हुई थी। इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जी की जटा में पहुंची थीं। इसलिए इस गंगा-पूजन का विशेष महत्व है। गंगा जयंती के दिन गंगा में स्नान करने तथा पूजन से सभी दुख-क्लेश दूर होते हैं। इस दिन गंगा स्नान का खास महत्व है। अगर आप गंगा नदी में स्नान न कर सकें तो गंगा के जल की कुछ बूंदें पानी में डाल कर स्नान करें। इस प्रकार के स्नान से भी सिद्धि प्राप्त होती है। यश-सम्मान की भी प्राप्ति होती है। मांगलिक दोष से ग्रस्त व्यक्तियों को गंगा जयंती के अवसर पर गंगा-स्नान और पूजन से विशेष लाभ मिलता है।

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