हरियाली तीज पर क्या होती है मेहंदी रस्म, जानें इसका महत्व

हरियाली तीज पर क्या होती है मेहंदी रस्म, जानें इसका महत्व

Tanvi Sharma | Publish: Aug, 13 2018 01:07:31 PM (IST) त्यौहार

हरियाली तीज पर क्या होती है मेहंदी रस्म, जानें इसका महत्व

सावन माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज व्रत मनाया जाता है। इस पर्व को कज्जली तीज व्रत भी कहा जाता है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हैं। सुहागन महिलाओं में इसका खासा महत्व देखने को मिलता है। भारत के उत्तरीय भाग में इसको बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार हरियाली तीज पर शिवयोग होने से इस दिन विशेष संयोग बन रहा है। इसलिए इस दिन की पूजा-पाठ का महत्न और भी ज्यादा माना जाएगा।

हरियाली तीज व्रत का मुहूर्त
हरियाली तीज तिथि आरंभ : सुबह 8:38 बजे (13 अगस्त 2018) से हरियाली तीज तिथि सुबह 5:46 बजे (14 अगस्त 2018) तक रहेगी।

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हरियाली तीज को कहते हैं मेंहदी रस्म

परंपराओं के अनुसार हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं मायके में इस वर्त को रखती हैं। इस दिन सुहागन स्त्रियां पूरा श्रृंगार कर पूजा-पाठ करती हैं। इस उत्सव को मेंहदी रस्म भी कह सकते हैं क्योंकि इस दिन महिलाएं अपने हाथों, कलाइयों और पैरों आदि पर मेंहदी लगाती हैं। इसलिए इसे मेहंदी पर्व भी कहा जाता है। इस उत्सव में नवविवाहिता कन्याएं और सुहागन स्त्रियां शामिल होती हैं। सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज बेहद खास होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं मां पार्वती से पति की लंबी उम्र की कामना करती है और व्रत रखती हैं। इस दिन मेहंदी लगाने का बहुुत महत्व होता है। इस साल यह 13 अगस्त को मनाया जा रहा है।
तीज का मतलब तीन चीजों का त्याग करना होता है। बताया जाता है इस दिन महिलाएं तीन चीजों का प्रण लेती हैं। पहला ये कि वे कभी अपने पति से छल कपट नहीं करेंगी। दूसरा ये कि कभी पति से झूठ और लड़ाई नहीं करेंगी। तीसरा और आखिरी ये कि किसी पराय की निंदा नहीं करेंगी। हरियाली तीज से एक दिन पहले महिलाएं मेहंदी लगाती है। इसके पीछे ये वजह बताई जाती है कि इस दिन मेहंदी लगाने से पति की उम्र लंबी होती है। आपको बता दें, 130 साल बाद इस बार हरियाली तीज के दिन अद्भुत अच्छा संयोग बना है। इस बार सावन के सोमवार के दिन यह त्यौहार पड़ा है, जिससे इसका महत्व बढ़ गया है। इस दिन व्रत करने से शिव जी आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे।

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हरियाली तीज की पूजा विधि

इस साल सोमवार के दिन हरियाली तीज का व्रत मनाया जा रहा है और शिवयोग के संयोग के होने से वह और भी विशेष माना जा रहा है। इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान शिव और माता पार्वती की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा करती हैं। इस व्रत में सुहाग की चीजें अर्पित की जाती हैं। भगवान शिव को वस्त्र आदि अर्पित किया जाता है। पूजा के बाद हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है। कथा सुनने के बाद श्री गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। पूजा करने के बाद भगवान की आरती करें। अगले दिन सुबह उठकर माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें और भगवान को भोग लगाएं। इसके बाद नदी या तालाब में मूर्तियों को प्रवाहित कर दें और सुहाग व श्रृंगार का सामान किसी सुहागन महिला को दान में दे दें।

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