Kajari Teej 2019 : कजरी तीज पर इस तरह दें चंद्रमा को अर्घ्‍य

Kajari Teej 2019 : यह व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाता है। इस व्रत को रखने वाले को कई नियमों का पालन करना पड़ता है।

By: Devendra Kashyap

Updated: 16 Aug 2019, 03:11 PM IST

Kajari Teej हर साल भादो ( Bhado ) मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। यह व्रत पति की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाता है। इस व्रत को रखने वाले को कई नियमों का पालन करना पड़ता है। आइये जानते हैं क्या है नियम...

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  1. यह व्रत निर्जला रहकर किया जाता है। यानी इस दिन व्रती को पानी नहीं पीना चाहिए।
  2. गर्भवती स्त्री फलाहार कर सकती है और पानी भी पी सकती हैं।
  3. इस दिन चांद को देखना शुभ माना गया है। अगर किसी कारण चांद नहीं दिखे तो रात में आकाश की ओर देखकर चांद को अर्घ्य दें।

चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि

कजरी तीज पर शाम में पूजा-पाठ करने के बाद चांद को अर्घ्य देने की परंपरा है। अर्घ्य देने से पहले चंद्रमा ( Lord chandrama ) को जल के छींटे देकर रोली, मोली, अक्षत चढ़ाएं और इसके बाद भोग अर्पित करें। इस दिन चांदी की अंगूठी और गेहूं के दाने हाथ में लेकर अर्घ्य देना सर्वोत्तम माना गया है। अर्घ्य देते वक्त एक जगह खड़ें होकर चार बार घूमें और चंद्रमा से पति और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें।

कब है कजरी तीज

कजरी तीज आमतौर पर रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाई जाती है। कजरी तीज भाद्रपद ( Bhadrapada 2019 ) के कृष्ण पक्ष के तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस बार कजरी तीज 18 अगस्त ( रविवार ) को है।

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