महाशिवरात्रि 2019: शिवलिंग पर चढ़ा दें ये एक चीज़, 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान के बराबर मिलेगा फल

महाशिवरात्रि 2019: शिवलिंग पर चढ़ा दें ये एक चीज़, 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान के बराबर मिलेगा फल

Tanvi Sharma | Publish: Feb, 23 2019 10:57:06 AM (IST) | Updated: Feb, 23 2019 10:57:07 AM (IST) त्यौहार

शिवलिंग पर चढ़ा दें ये एक चीज़, 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान के बराबर मिलेगा फल

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि बहुत ही पवित्र त्यौहार माना जाता है। इस दिन सभी शिव भक्त महादेव की भक्ति व आराधना में लीन रहते हैं। पुराणों के अनुसार इस दिन महादेव को उनके पसंद की सभी वस्तुएं अर्पित की जाती है। इनसे वे जल्दि प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हीं वस्तुओं में से एक है बेलपत्र, कहा जाता है की बिल्वपत्र शिव अभिषेक व शिव पूजन में सबसे प्रथम स्थान रखता है। ऋषियों द्वारा कहा गया है की बिल्व पत्र भोलेनाथ को अर्पित करने से व्यक्ति को 1 करोड़ कन्याओं के कन्यादान का फल प्राप्त होता है। भगवान शिव को प्रतिदिन यदि बिल्वपत्र चढ़ाने में असमर्थ्य हैं तो महाशिवरात्रि, सावन माह, प्रदोष व्रत में जरुर ही चढ़ाना चाहिए। इससे आपको पुण्य फल की प्राप्ति के साथ-साथ पापों से मुक्ति भी मिलती है। यदि किसी कारणवश बिल्वपत्र उपलब्ध न हो तो स्वर्ण, रजत, ताम्र के बिल्वपत्र बनाकर भी पूजन कर सकते हैं। इसके अलावा भी बिलपत्र कई जगह लाभकारी होता है। विशेष फल पाने के लिए ऐसे करें बेलपत्र अर्पित....

mahashivratri 2019

1. शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने से पहले पत्तियों पर चंदन या अष्टगंध से ॐ, शिव पंचाक्षर मंत्र या शिव नाम लिखकर चढ़ायें। इससे व्यक्ति की दुर्लभ कामनाओं की पूर्ति हो जाती है।

2. कालिका पुराण के अनुसार चढ़े हुए बिल्व पत्र को सीधे हाथ के अंगूठे एवं तर्जनी यानी अंगूठे के पास की उंगली से पकड़कर उतारना चाहिए।

3. वहीं बिल्वपत्र को चढ़ाते समय सीधे हाथ की अनामिका यानी रिंग फिंगर एवं अंगूठे का प्रयोग करना चाहिए।

4. बेल का वृक्ष हमारे यहां संपूर्ण सिद्धियों का आश्रय स्थल माना गया है इसलिए इस वृक्ष के नीचे स्तोत्र पाठ या जप करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है और शीघ्र सिद्धि की प्राप्ति होती है।

5. बिल्वपत्र के सेवन से अनेकों रोगों से मुक्ति मिलती है।

6. बिल्वपत्र के वृक्ष के दर्शन व स्पर्श से ही कई प्रकार के पापों का शमन हो जाता है।

7. इस दिन भूलकर भी ना तोड़े बिल्वपत्र

8. लिंगपुराण के अनुसार बिल्वपत्र को तोड़ने के लिए चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति काल एवं सोमवार को निषिद्ध माना गया है। इस दिन बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।

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