माँ चंद्रघंटा की पूजा करने से समाप्त होते है सभी शत्रु

माँ चंद्रघंटा की पूजा करने से समाप्त होते है सभी शत्रु नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है

By: सुनील शर्मा

Published: 23 Sep 2017, 09:54 AM IST

त्यौहार

नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें माँ चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था। नवरात्रि के तीसरे दिन इनका पूजन किया जाता है। इनकी आराधना से भक्त को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वतः प्राप्त हो जाती हैं और उसे सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।

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