भ्रष्टाचार के आरोप में 22 कर अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट

  • फंडामेंटल रूल 56 (जे) के तहत हुई अधिकारियों पर कार्रवाई
  • 27 उच्च अधिकारियों पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

By: Saurabh Sharma

Updated: 26 Aug 2019, 06:20 PM IST

नई दिल्ली। सरकार ने भ्रष्टाचार के कथित आरोपों को लेकर केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ( सीबीआईसी ) के 22 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि फंडामेंटल रूल 56 (जे) के तहत 22 और वरिष्ठ कर अधिकारियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले 27 उच्च अधिकारियों को उत्पीडऩ, रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी।

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सीबीआईसी ने जिन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है उनमें अधीक्षक और ऐप्राइजिंग ऑफिसर रैंक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। उन अधिकारियों में केके उइके, एसआर परते, कैलाश वर्मा, केसी मंडल, एमएस डामोर, आरएस गोगिया, किशोर पटेल, जेसी सोलंकी, एसके मंडल, गोविंद राम मालवीय, एयू छपरागेरे, एस अशोकराज, दीपक एम गनेयान, प्रमोदी कुमार, मुकेश जैन, नवीनीत गोयल, अचित्य कुमार प्रमानिक, वीके सिंह, डीआर चतुर्वेदी, डी अशोक, लीला मोहन सिंह और वीपी सिंह शामिल हैं। यह अधिकारी विभिन्न केंद्रीय जीएसटी क्षेत्रों में कार्यरत थे।

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सूत्रों के अनुसार, भ्रष्ट कर अधिकारियों के विरुद्ध की गई यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कर प्रशासन को साफ करने के वादे के अनुरूप है, ताकि ईमानदार करदाताओं को परेशान न किया जा सके। ये अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी तथा उत्पाद शुल्क से जुड़ा कामकाज देख रहे थे।

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