9 महीने पहले बदले इस नियम से कराड बैंक डिपोजिटर्स को मिलेगा रुपया, जानिए क्या हुआ था बदलाव

  • कराड जनता सहकारी बैंक के लाइसेंस रद होने के बाद 99 फीसदी डिपोजिटर्स को मिलेगी उनकी पूंजी
  • जमा बीमा और कर्ज गारंटी निगम के तहत पहली बार किसी बैंक डिपोजिटर्स को दी जा रही है राशि
  • डीआईसीजीसी के तहत अधिकतम 5 लाख रुपए का होगा भुगतान, एक फरवरी से पहले 1 लाख थी सीमा

By: Saurabh Sharma

Updated: 09 Dec 2020, 12:19 PM IST

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के कराड स्थित कराड जनता सहकारी बैंक का रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लाइसेंस रद्द कर दिया है। जिसके बाद बैंक बंद होगा। खास बात तो यह है करीब 9 महीने पहले सरकार की ओर से बजट में बैंकिंग को लेकर एक नियम में बदलाव हुआ था। जिसके तहत बैंक बंद होने की स्थिति में भुगतान राशि एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई थी। इस नियम के बदलने के बाद कराड बैंक ऐसा पहला बैंक है, जिसके डिपोजिटर्स को अधिकतम 5 लाख रुपए की राशि दी जाएगी। वैसे राहत की बात तो ये है कि 99 फीसदी अकाउंट होल्डर्स को उनकी पूंजी वापस मिल जाएगी। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर कराड का पूरा मामला क्या है और सरकार ने नियम में किस तरह का बदलाव किया था।

कराड बैंक का क्या है पूरा मामला
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कराड बैंक का लाइसेंस रद कर दिया है। नवंबर 2017 से ही कराड जनता सहकारी बैंक पर आरबीआई की कई तरह की पाबंदिया लगी हुई थी। केंद्रीय बैंक की ओर से लिक्विडेटर नियुक्त करने का भी आदेश दिया था। जानकारी अनुसार सेक्शन 22 के नियमों के अनुसार बैंक के पास पूंजी और कमाई की कोई गुंजाइश नहीं बची है। बैंकिंग रेगुलेशन 1949 के सेक्शन 56 के पैरामीटर्स पर खरा नहीं उतरने के कारण लाइसेंस रद किया गया है।

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डीआईसीजीसी के तहत मिलेगा रुपया
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार बैंक अब मौजूदा जमाकर्ताओं रुपया लौटाने की स्थिति में नहीं है। अब डिपोजिटर्स को रुपया रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई जमा बीमा और कर्ज गारंटी निगम यानी डीआईसीजीसी एक्ट 1961 के तहत दिया जाएगा। जिसमें करीब 9 महीने पहले ही संशोधन हुआ है। संशोधन के तहत जमाकर्ताओं को 5 लाख तक की राशि दी जाएगी। राहत इस बात की है कि 99 फीसदी डिपोजिटर्स को उनका रुपया डीजीसीआईसी के जरिए मिल जाएगा।

बजट में बदला गया था नियम
वास्तव में सरकार ने डीआईसीजीसी के नियमों में बजट 2020 में बड़ा बदलाव किया था। उस बदलाव के बाद कराड पहला ऐसा बैंक हैं जिसका लाइसेंस रद हुआ है और बंद होने जा रहा है। बदलाव के तहत सरकार ने बैंक गारंटी की रकम को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया था। इससे पहले यह रकम 1 लाख रुपए की थी। 1 फरवरी को बजट में रखे गए इस नियम को पास कराकर 4 फरवरी 2020 को लागू कर दिया गया था। किसी बैंक के डूबने से आपके खाते में जमा 5 लाख रुपए तक सुरक्षित हैं। बैंक आपको 5 लाख रुपए लौटाएगा।

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