अमरीकी सख्ती के बाद भारत ने दिखाया बड़ा दिल, नहीं बढ़ाएंगे इंपोर्ट ड्यूटी

अमरीकी सख्ती के बाद भारत ने दिखाया बड़ा दिल, नहीं बढ़ाएंगे इंपोर्ट ड्यूटी

Saurabh Sharma | Publish: Mar, 05 2019 12:46:35 PM (IST) फाइनेंस

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से निर्यात की जाने वाली करीब 40 हजार करोड़ रुपए की वस्तुओं से जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज का दर्जा वापस ले लिया हो, लेकिन भारत ने इसके जवाब में बड़ा दिल दिखाया है। भारत ने अमरीकी वस्तुओं पर ड्यूटी ना बढ़ाने का फैसला किया है।

नई दिल्ली। भले ही अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से निर्यात की जाने वाली करीब 40 हजार करोड़ रुपए की वस्तुओं से जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज का दर्जा वापस ले लिया हो, लेकिन भारत ने इसके जवाब में बड़ा दिल दिखाया है। भारत ने अमरीकी वस्तुओं पर ड्यूटी ना बढ़ाने का फैसला किया है। भारत ने वाणिज्य सचिव अनूप माधवन की ओर से कहा गया है कि जीएसपी से भारत को प्रोफिट कम था। अब दोनों देश एक दूसरे की चिंताओं को बढ़ाने की जगह दूर करने का काम कर रहा है। दोनों देश एक ट्रेड पैकेज पर काम करने का विचार कर रहे हैं।

करीब 40 हजार करोड़ की वस्तुओं पर लगती है जीएसपी
भारत की ओर अमरीका में एक्सपोर्ट होने वाले सामान में करीब 40 हजार करोड़ के सामान पर ही जीएसपी की सुविधा लागू होती है। अमरीका की ओर से मिलने वाले जीएसपी पाने वाला भारत दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है। स्ञ्जक्र की मानें तो अमरीकी संसद और भारत सरकार को सूचना दिए जाने के कम-से-कम 60 दिनों बाद ही भारत से जीएसपी का दर्जा वापस लिया जा सकता है।

ट्रंप ने लगाए यह आरोप
डोनाल्ड ट्रंप अमरीकी संसद को लिखे पत्र में कहा कि भारत ने अमरीका को आश्वस्त नहीं किया कि वह भारत के बाजारों में न्यायसंगत एवं उचित पहुंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मैं यह आकलन करना जारी रखूंगा कि भारत सरकार 'जीएसपी' पात्रता मानदंड के अनुसार, अपने बाजारों में समान एवं उचित पहुंच प्रदान करती है या नहीं।' पत्र की एक प्रति मीडिया को भी जारी की गई है। ट्रंप ने एक अन्य पत्र में तुर्की से भी यह उपाधी वापस लेने की जानकारी दी।

भारत और अमरीका के बीच व्यापार
ऑफिस ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की वेबसाइट्स https://ustr.gov/countries-regions/south-central-asia/india से मिले आंकड़ों के अनुसार दोनों देशों के बीच काफी व्यापार होता है। दोनों देशों के बीच वर्ष 2017 के हिसाब से 126.2 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। अगर इसे भारतीय रुपयों के हिसाब से देखें तो 8.9 लाख करोड़ रुपए के आसपास बन रहे हैं। वहीं इसमें भारत की भागेदारी 76.7 बिलियन डॉलर यानि 5.43 लाख करोड़ रुपए की है। वहीं अमरीका की हिस्सेदारी 49.4 बिलियन डॉलर यानि 3.5 लाख करोड़ रुपए की है।

 

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