एक मार्च से बंद हो सकते हैं देश के आधे से ज्यादा एटीएम, आरबीआर्इ का यह नियम बना बड़ी वजह

एक मार्च से बंद हो सकते हैं देश के आधे से ज्यादा एटीएम, आरबीआर्इ का यह नियम बना बड़ी वजह

Saurabh Sharma | Updated: 09 Feb 2019, 12:35:26 PM (IST) फाइनेंस

एक मार्च से देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो सकते हैं। जिसके बाद देश काे एक फिर से नोटबंदी जैसे हालातों से गुजरना पड़ सकता है।

नर्इ दिल्ली। एक मार्च से देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो सकते हैं। जिसके बाद देश काे एक फिर से नोटबंदी जैसे हालातों से गुजरना पड़ सकता है। जिसकी वजह बने हैं आरबीआर्इ के एेसे नियम जिसे एटीएम कंपनियों के लिए मानना थोड़ा मुश्किल बन रहा है। एटीएम कंपनियों का कहना है कि आरबीआर्इ के नियमों से उन्हें घाटा उठाना पड़ेगा। जिसकी वजह से उन्हें देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद करने पड़ सकते हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर आरबीआर्इ के एेसे कौन से नियम हैं…

यह हैं कंपनियों की मांग
मौजूदा समय में 80 फीसदी एटीएम का संचालन आउटसोर्सिंग के जरिए होता है। एटीएम कंपनियों के अधिकारियों की मानें तो नए नियमों के कारण एटीएम को चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मार्जिन में भी काफी कटौती हो गर्इ है। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने सरकार आैर आरबीआर्इ से एटीएम चार्ज को बढ़ने को कहा है। कंपनियों ने साफ कर दिया है कि अगर एक मार्च तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो देश से एटीएम बंद कर देंगे। जिसके बाद देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो जाएंगे।

लगातार बढ़ रहा है एटीएम कंपनियों पर बोझ
एटीएम कंपनियों के अनुसार आरबीआर्इ के नए नियमों के बाद उनपर काफी दबाव बढ़ गया है। कैश ले जाने वाले खर्च में बढ़ोतरी हो गई है। कंपनियों को नोट रखने के लिए दोगुने कैसेट लेकर जाने पड़ते हैं। इससे कैश में जगह कम रह जाती है और उन्हें ज्यादा चक्कर लगाने पड़ते हैं।

बन जाएंगे नाेटबंदी जैसे हालात
मौजूदा समय में देश करीब 2 लाख एटीएम हैं। अगर कंपनियां आधे एटीएम बंद करती हैं तो देश के लोगों को कैश निकालने में दिक्कतों का सामना पड़ेगा। एेसे में देश एक बार फिर नोटबंदी के दौर में पहुंच जाएगा। जब लोग एटीएम की लाइनों में लगकर कैश निकाल रहे थे। जिसकी वजह से कर्इ लोगों की तबियत खराब हो गर् थी। कर्इ लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी थी।

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