Budget 2019 से टैक्सपेयर्स को खास उम्मीद! मोदी सरकार ने अब तक करदाताओं के लिए किए हैं ये बड़े ऐलान

Budget 2019 से टैक्सपेयर्स को खास उम्मीद! मोदी सरकार ने अब तक करदाताओं के लिए किए हैं ये बड़े ऐलान

Shweta Singh | Publish: Jul, 05 2019 10:06:36 AM (IST) | Updated: Jul, 05 2019 06:03:44 PM (IST) फाइनेंस

  • Budget 2019-20 में करदाताओं को टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद
  • अंतरिम बजट 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले घोषित हो चुके हैं टैक्स फ्री

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 पहले बजट 2019-20 से जनता को काफी उम्मीदें हैं। देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) के पिटारे से क्या निकलेगा यह जानने को देश का हर नागरिक उत्सुक है। खासकर मिडिल क्लास को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। बजट में अन्य महत्वपूर्ण चीजों के साथ-साथ लोगों की नजर टैक्स को लेकर बजट में प्रस्तावित प्रावधानों पर सबसे अधिक रहता है।

मोदी सरकार ने अपने पिछले पांच पूर्ण बजटों और फरवरी में पेश किए अंतरिम बजट में करदाताओं को खुश करने का पूरा ध्यान रखा था। इस बार इस वर्ग के लिए क्या खास है इस पर से पर्दा जल्द ही खुल जाएगा, लेकिन उससे पहले जानते हैं कि 2014 से लेकर 2019 तक इनकम टैक्स के मोर्चे पर क्या बड़ी घोषणाएं की हैं।

वित्त वर्ष 2014-15 का बजट

  • मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में करदाताओं की खुशी का खास ध्यान रखा था।
  • वित्त वर्ष 2014-15 के बजट में इनकम टैक्स की छूट सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख कर दी गई थी।
  • इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 80C के तहत निवेश पर टैक्स छूट की सीमा भी 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दी गई थी।
  • इसके साथ ही 60 वर्ष से ज्यादा और 80 वर्ष से कम उम्र के वरिष्ठ नागरिकों की टैक्स छूट की सीमा भी बढ़ाकर 3 लाख की गई थी।

वित्त वर्ष 2015-16 का बजट

  • पहले बजट में बदलाव करने के बाद दूसरे पूर्णकालिक बजट में पर्सनल इनकम टैक्स और रेट्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया।
  • इसके साथ ही सरकार ने नैशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए सेक्शन 80CCD(1b) के तहत इसमें निवेश पर अतिरिक्त 50 हजार रुपये की टैक्स छूट की घोषणा की गई थी।
  • सैलरीड क्लास के लिए ट्रांसपोर्ट अलाउंस लिमिट को दोगुना किया गया। इस सीमा को 800 रुपये से 1600 रुपए प्रति माह कर दिया गया।
  • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स डिडक्शन लिमिट बढ़ाकर सबसे बड़ा बदलाव किया गया।
  • सुकन्या समृद्धि योजना को भी पीपीएफ के समान ही टैक्स छूट के दायरे में लाया गया।
    वेल्थ टैक्स खत्म करने का ऐलान।

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वित्त वर्ष 2016-17 का बजट

  • बजट में हाइ नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) यानी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की सालाना कमाई वाले इंडिविजुअल्स के लिए सरचार्ज में 3 प्रतिशत की वृद्धि।
  • किराए के मकान में रहने वालों के लिए खास ऐलान। ऐसे किराएदार जिनकी सैलरी में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पार्ट नहीं होता है, उन्हें सेक्शन 80GG के तहत किराए की रकम पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई गई। यह बजट 24 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये करने का ऐलान किया गया था।
  • 5 लाख रुपये से कम के एनुअल इनकम वाले टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स पर 2 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की राहत दी गई।
  • प्रॉपर्टी खरीदने वालों को सेक्शन 80EE के सर्शत 50 हजार रुपये के एडिशनल टैक्स डिडक्शन की सुविधा मिली।

वित्त वर्ष 2017-18 का बजट

  • बजट में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के ऐनुअल इनकम पर टैक्स की दर घटाया गया। पहले यह दर 10 प्रतिशत थी, जिसे घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया था।
  • 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच सालाना कमाई वाले लोगों के लिए टैक्स पर 10 प्रतिशत सरचार्ज का नया प्रावधान।

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वित्त वर्ष 2018-19 का बजट

  • बीते साल मोदी सरकार ने सैलरीड क्लास और पेंशनभोगियों के लिए 40 हजार रु. के स्टैंडर्ड डिडक्शन के वापसी का ऐलान किया।
  • मेडिकल रीइंबर्समेंट्स और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर लागू टैक्स छूट खत्म की गई।
  • टैक्स पर सेस 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया।

अंतरिम बजट 2019-20

  • इस वर्ष 1 फरवरी को पेश हुए अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्सेबल इनकम वाले करदाताओं को टैक्स फ्री करने की घोषणा।

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