Coronavirus Impact : सोमवार से बैंकों में जारी रह सकती है सिर्फ चार सुविधाएं

  • नकद जमा-निकासी से लेकर चेक डिपोजिशन तक सिर्फ चार सुविधाएं रह सकती है जारी
  • स्थिति को देखते हुए बैंक अन्य सुविधाओं को कर सकते हैं निलंबित
  • आईबीए ने ग्राहकों का दिया परामर्श, सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही जाएं बैंक

By: Saurabh Sharma

Updated: 22 Mar 2020, 03:54 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का असर बैंकिंग प्रणाली में देखने को मिल रहा है। जहां एक और बैंकों का काम काफी सीमित करने की बात की जा रही है। वहीं इंडियन बैंक्स की ओर से बयान आया है कि बैंक शाखा में 23 मार्च से सिर्फ चार सुविधाएं ही जारी रह सकती हैं। जिसमें कैश को जमा करना या फिर निकालना, चेक डिपोजिट करना, सरकारी ट्रांजेक्शंस और किसी और जगह पर कैश को ट्रांसफर करने की सुविधा आदि है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता ने कहा कि बैंक परिस्थिति के आधार पर अन्य सेवाओं को निलंबित कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः- सरकार की इस स्कीम में हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपए, बस करना होगा यह काम

ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस और सर्विस का सुझाव
आईबीए ने बैंकों के ग्राहकों को सलाह देते हुए कहा कि काफी जरूरी होने पर ही बैंक जाएं। वर्ना बैंक जाने की कोई जरुरत नहीं है। आईबीए के अनुसार बैंकों की सभी सर्विस ऑनलाइन हैं। ऐसे समय और माहौल में कस्टमर्स को ऑनलाइल और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करना चाहिए। सभी डिजिटल चैनल अपडेट हैं। अगर किसी बात को लेकर कस्टमर्स में कोई दुविधा है तो बैंक 24 घंटे कस्टमर की मदद करने को तैयार हैं। मेहता ने कहा कि एसोसिएशन की प्रबंधन समिति ने ग्राहक के आपातकालीन ऋण सहित समर्थन के विकल्पों पर चर्चा की है, क्योंकि कई प्रतिष्ठानों को आर्थिक मंदी और लॉकडाउन के कारण सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ेंः- आरबीआई ने अगले तीन महीनों के लिए पीएमसी बैंक पर प्रतिबंध बढ़ाया

एसबीआई ने शुरू की है कोराना वायरस लोन योजना
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने देश के कारोबारियों को कोरोना के प्रकोप से बचाने के लिए कोरोना स्पेशल लोन स्कीम लांच की है। कोविड19 इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन नाम की यह सुविधा आगामी 30 जून तक लागू रहेगी। जो कि कैपिटल लिमिट के 10 फीसदी के बराबर होगी। खास बात ये है कि इसमें 200 करोड़ रुपए तक का अधिकतम लोन लिया जा सकेगा। इस लोन योजना के तहत लिए गए ब्याज दर की लिमिट 7.25 फीसदी रखी गई है। इस सुविधा के तहत कोई प्रोसेसिंग फीस या फिर प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं ली जाएगी। मेहता ने कहा कि एसोसिएशन ने सदस्य बैंकों को अपने ग्राहकों के लिए इसी तरह की योजना लाने की भी सलाह दी है।

Coronavirus Impact
Show More
Saurabh Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned