RBI की मंजूरी के बिना ही भारत में काम कर रहा Google Pay, दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से मांगा जवाब

  • भुगतान प्रणाली ऑपरेटर्स की लिस्ट में शामिल नहीं है गूगल पे।
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने आरबीआई और गूगल इंडिया से मांगा जवाब।
  • जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा सवाल।

By: Ashutosh Verma

Published: 10 Apr 2019, 02:32 PM IST

नई दिल्ली। गूगल की मोबाइल पेमेंट ऐप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ( Delhi High Court ) ने भारतीय रिजर्व बैंक ( rbi ) से सवाल पूछा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आरबीआई से पूछा है कि गूगल पे ( google pay ) बिना किसी जरूरी ऑथराइजेशन के ही आम लोग व मर्चेंट्स को लेनदने की सुविधा कैसे दे रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति एजे भंभानी की दो सदस्यीय बेंच ने एक जनहित याचिका ( PIL ) की सुनवाई के दौरान आरबीआई से यह सवाल पूछा।


क्या किया है जनहित याचिका में दावा

याचिका दायरकर्ता ने अपनी याचिका में यह दावा किया है कि गूगल पे भुगतान और सेटलमेंट अधिनियम को उल्लंघन कर रहा है। गूगल पे ( G Pay ) बिना किसी जरूरी ऑथराइजेशन के ही भुगतान प्रणाली प्रदाता के रूप में काम कर रहा है। गूगल को भारत में इस सुविध को मुहैया कराने के लिए केंद्रीय बैंक से किसी प्रकार का कोई भी अधिकार नहीं मिला हुआ है।


भुगतान प्रणाली ऑपरेटर्स की लिस्ट में शामिल नहीं है गूगल पे

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने आरबीआई और गूगल इंडिया, दोनेां को नोटिस जारी किया है। बताते चलें कि इस जनहित याचिका को अभिजीत मिश्रा नाम एक शख्स ने दायर किया है। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों आरबीआई और गूगल इंडिया को अपने पक्ष रखने की मांग की है। याचिका इस बात का तर्क दिया गया है कि गूगल पे आरबीआई की अधिकृत 'भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों' की लिस्ट में नहीं है। इस लिस्ट को आरबीआई ने अपनी तरफ से 20 मार्च 2019 को जारी किया है।

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