कामगारों को मिलेगा भरपूर फायदा, मुफ्त में घर जाने से लेकर हेल्थ चेकअप तक कंपनी करेगी इसका भुगतान

  • सरकार ने migrant laborersके लिए बनाए नए नियम
  • केंद्र सरकार के लेबर कोड बिल को सदन से मिली मंजूरी

By: Pratibha Tripathi

Updated: 25 Sep 2020, 03:49 PM IST

नई दिल्ली। coronavirus जैसी महामारी के भारत में आते ही चारों ओर उथलपुथल सी मच गई थी। एक ओर जहां लोग कोरोना की जंग लड़ रहे थे तो वहीं दूसरी ओर देश में लगे लॉकडाउन से बड़ी संख्या में migrant laborers ने अपने अपने घरों में जाने का रुख कर लिया था इस दौरान अधिकतर कंपनियों ने भी मजदूरों के प्रति अपने जिम्मेदारियों का ना निभाते हुए उनसे अपना पल्ला झाड़ लिया और इस वजह से लाखों मजदूर दो वक्त की रोटी के लिए भी तरसने लगे। घर से बेघर हुए मजदूरों के सामने चारों ओर से दिक्कतें खड़ी हुई थीं।

प्रवासी मजदूरों की इन्हीं परेशानियों पर नजर रखते हुए अब सरकार ने मजदूरों की सुरक्षा को लेकर नए नियम बनाए हैं। जिसके तहत अब प्रवासी मजदूरों को कई तरह के फायदे मिल सकते है। जो भी मजदूर जिस किसी भी कंपंनी में काम करते है उनके प्रति अब कंपनी की जिम्मेदारी होगी कि साल में एक बार उन कामगारों को घर जाने का किराया दे।

मजदूरों के यही हालात को देखकर उनके किराये को लेकर भी काफी लंबी बहस छिड़ी थी. हालांकि केंद्र सरकार के लेबर कोड बिल को सदन से मंजूरी मिल गई है. जिसके जरिए अब यह निश्चित कर दिया गया है कि अब प्रवासी मजदूरों को साल में एक बार अपने घर जाने के लिए कंपनी की तरफ से यात्रा भत्ता मिलेगा।

मतलब अब साफ है कि अब साल में एक बार मजदूर अपने घर जा सकते है जिसके लिए कपंनी उनके घर जाने की टिकट का खर्च खुद से उठाएगी। मजदूरों को टिकिट का पैसा नही देना पड़ेगा। इतना ही नही इसके अलावा लेबर कोड बिल के नियम के तहत कंपनी अपने कामगारों का हेल्थ चेकअप भी करवाएगी। इस नियम के मुताबिक कम उम्र से अधिक आयु वाले कामगारों के लिए साल में एक बार निःशुल्क चिकित्सा जांच कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही कामगारों को नियुक्ति पत्र देना भी अनिवार्य है। ये नियम मजदूरों के लिए पहली बार लागू किए जा रहे है।

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