केंद्र सरकार ने धान की MSP के जारी किए आकंड़े, 48 घंटे में 10 करोड़ की खरीदारी का दावा

  • MSP Buying Starts : सरकार ने किसानों दिल जीतने के मसकद से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए फसल के आंकड़े जारी किए हैं
  • 1 अक्टबूर से कपास समेत दूसरे राज्यों में धान एवं अन्य फसलों की शुरू होगी खरीददारी

By: Soma Roy

Updated: 29 Sep 2020, 06:34 PM IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से पेश किए जा रहे नए कृषि कानून (New Farm Acts) को लेकर जहां पंजाब, हरियाणा समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के कई किसान विरोध कर रहे हैं। इसी बीच सरकार ने सोमवार को धान (Paddy) की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के आंकड़े जारी करते हुए उनका भरोसा जीतने की कोशिश करती नजर आ रही है। आंकड़ों के मुताबिक महज 48 घंटे में 10.53 करोड़ रुपए के धान की एमएसपी पर खरीद की गई है। सराकर इसके जरिए संदेश देना चाहती है किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह जारी रहेगा।

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दरअसल किसानों को डर है कि नए कृषि बिल से एमएसपी व्यवस्था खत्‍म हो जाएगी और पूरी कमान निजी कंपनियों के हाथ आ जाएगी। इससे किसानों को उनका हक नहीं मिल पाएगा। सरकार ने वर्ष 2020-21 में खरीफ के लिए 495.37 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। कृषि मंत्रालय ने बताया कि हरियाणा और पंजाब के किसानों से 27 सितंबर तक 1,868 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर 5,637 टन धान की खरीद की गई है। वहीं, बाकी राज्यों में भी धान की खरीद शुरू हो गई है। इसके अलावा अन्य फसलों की खरीद के लिए सरकार ने नोडल एजेंसियां बनाई हैं। इनके जरिए तमिलनाडु के 40 किसानों से 24 सितंबर तक 34.20 टन मूंग 25 लाख रुपए के कुल एमएसपी पर खरीद की गई है। सरकार ने 5,089 टन नारियल (Coconut) कर्नाटक और तमिलनाडु के करीब 3,961 किसानों से कुल 52.40 करोड़ रुपये एमएसपी पर खरीदा है।

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इन फसलों की खरीद की मिली मंजूरी
तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और हरियाणा से कुल 13.77 लाख टन खरीफ दाल और तिलहन (Kharif Crop) की खरीद के लिए मंजूरी दी है। वहीं कपास (Cotton) की खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी। भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्यों की खरीद एजेंसियों को सरकार ने जिम्मेदारी दी है कि खरीद के दौरान किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। साथ ही उन्हें तय मूल्य मिल सके इसकी व्यवस्था करें।

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