सावधान! मात्र 4500 के मशीन से हैकर्स कर रहे करोड़ों का फ्राॅड, आप भी हो जाएं सतर्क

खासकर दिल्ली एनसीअार क्षेत्र में इन फ्राॅड को अंजाम देने वालों के हौसले बुलंदियों पर है। एक आंकड़े के मुताबिक मात्र दिल्ली एनसीअार के थानों प्रतिदिन अौसत के तौर पर 100 से अधिक शिकायतें अाती हैं।

Ashutosh Kumar Verma

10 Sep 2018, 05:34 PM IST

नर्इ दिल्ली। आजकल देश के कर्इ इलाकों में एटीएम फ्राॅड करने वालों को वारे न्यारे हैं। एटीएम कार्ड के क्लोनिंग से लेकर एटीएम मशीन हैक करने तक, ये एटीएम फ्राॅड बैंकों को आम लोगों को चकमा देकर करोड़ों रुपयों क चपत लगा रहे हैं। खासकर दिल्ली एनसीअार क्षेत्र में इन फ्राॅड को अंजाम देने वालों के हौसले बुलंदियों पर है। एक आंकड़े के मुताबिक मात्र दिल्ली एनसीअार के थानों प्रतिदिन अौसत के तौर पर 100 से अधिक शिकायतें अाती हैं। चौकानें वाली बात ये है कि ये हैकर्स लोगों की एटीएम कार्ड से जानकारी जुटाने के लिए मात्र 4500 रुपये के एक स्कीमर मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।


बैंक से लेकर थाना तक नहीं करते हैं मदद
ये हैकर्स आपके एटीएम की जानकारी इकट्ठा करने के बाद आपके कार्ड को क्लोन तैयार करते हैं आैर फिर आधी रात को एटीएम से पैसे निकालते हैं। दरअसल प्रत्येक एटीएम की प्रतिदिन की एक लिमिट तय होती है। इसी का फायदा उठाने के लिए ये हैकर्स रात को 11:45 बजे से लेकर 12:15 बजे तक के बीच में चोरी का काम करते हैं। इससे उन्हें दो दिनों का लिमिट का फायदा मिल जाता है। इसमें लोगों को जो परेशानी होती है वो ये कि यदि उन्हें पता भी चल जाए की उनके एटीएम कार्ड से उनकी जानकारी के बिना पैसे निकाले गए हैं तो भी उनके पैसे वापस मिलने के कम मौका होता है। दरअसल अधिकतर थाना एटीएम फ्राॅड के मामले में एफआर्इआर दर्ज करने से कतराते है क्योंकि ये मामला साइबर फ्राॅड से जुड़ा हुआ होता है। यदि कोर्इ एफआर्इआर दर्ज करा भी लेता है तो इसके आगे कार्रवार्इ उनके लिए अासान नहीं होती है। वहीं दूसरी आेर बैंक भी अपने तरफ से लोगों को सहायता नहीं करते हैं। बैंकों के तरफ से एक चूक ये भी होती है कि वो अपने अधिकतर एटीएम मशीनों पर गार्ड की तैनाती ही नहीं करते हैं।


इस तरह तैयार करते हैं क्लोन
जिस स्कीमर का इस्तेमाल ये हैकर्स करते हैं उससे उन्हें आपके एटीएम कार्ड से सभी जरूरी जानकारी मिल जाती है। इसके बाद ये एटीएम मशीन के केबिन में चोरी से सीसीटीवी लगाते हैं जिससे की आपको इस्तेमाल के दौरान आपके एटीएम पिन के बारे में भी पता चल सके। ये स्कीमर आकार, डिजाइन, व रंग में बिल्कुल आम एटीएम मशीन के कार्ड रीडर स्लाॅट से मिलता-जुलता है। हालांकि कार्ड क्लोनिंग के इस्तेमाल के लिए ये स्कीमर प्रतिबंधित हैं। लेकिन इसके बावजूद भी इसकी बिक्रि अवैध रूप से धड़ल्ले से हो रही है। कर्इ र्इ-काॅमर्स वेबसाइट भी आॅनलाइन इनकी बिक्री कर रहे हैं।


एेसे में आपके लिए ये बेहद जरूरी है कि अगली बार से एटीएम इस्तेमाल करते समय आप बेहद ही सावधानी बरतें। अगली बार से एटीएम से पैसे निकासी के दौरान आपको कुछ बातों का जरूर ध्यान देना चाहिए जो कुछ इस प्रकार है।

1. जब भी एटीएम में कार्ड इन्सर्ट करें तो पहले उसके होल्डर को हिलाकर देख लें। स्कीमर लगे होने की सूरत में वो वह निकल जाएगा।

2. एटीएम इस्तेमाल के दौरान किसी भी अन्जानें व्यक्ति को अपने आसपास खड़ा रहने से मना करें।

3. बिना गार्ड वाले या सूनसान जगहों वाले एटीएम मशीनों से पैसे निकालने से बचें।

4. जब पासवर्ड डालें तो मशीन के कीपैड को अपने हाथ से छिपा लें।

5. एक माह में कम से कम एक बार अपने कार्ड का पिन बदलें।

6. अपने बैंक खाते को अपने मोबाइल फोन से लिंक करें।

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