RBI के फैसले से आम आदमी, बैंक और कंपनियों को कितना होगा फायदा, EMI में छूट के क्या है मायने?

  • ईएमआई में छूट से बैंकों के साथ मिलेगा आम लोगों को कितना फायदा?
  • रेपो रेट में कटौती होने से मौजूदा ईएमआई में होगा फायदा या नहीं

Saurabh Sharma

27 Mar 2020, 04:42 PM IST

नई दिल्ली। आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से कई बड़े ऐलान किए गए। रेपो रेट में कटौती की गई। आसान भाषा में कहें तो ब्याज दरों में कटौती के साथ आरबीआई ने तीन महीने तक ईएमआई में छूट की घोषणा की है। अभी थोड़ा कंफ्यूजन यह है कि यह छूट सिर्फ बैंकों को ही है या फिर आम लोगों को भी राहत दी गई है, लेकिन हम यहां आम लोगों को भी जोड़ेंगे। अब सवाल ये है कि आखिर रिजर्व बैंक के इन फैसलों का आम आदमी, बैंकों और कंपनियों पर किस तरह का असर देखने को मिलेगा। आखिर ईएमआई में छूट के क्या मायने हैं, आइए आपको भी बताते हैं...

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ईएमआई में छूट का मतलब समझें?
सबसे आम और आसान भाषा में यह समझने की जरुरत है कि ईएमआई में छूट का मतलब क्या है? कई लोग इसे यह भी मान सकते हैं कि तीन महीने की ईएमआई देनी ही नहीं होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। ईएमआई में छूट का मतलब यहां पर यह है कि आपकी ईएमआई को टाल दिया गया है। अब यही ईएमआई आपको तीन महीने के बाद देनी होगी। आरबीआई की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लॉकडाउन की वजह से आई नकदी की कमी के बीच ईएमआई चुकाने का समय मिल सके। जानकारों की मानें तो जिन्हें प्रति माह वेतन मिल रहा है, जिन्हें वेतनभोगी कहा जाता है, उनके पास नकदी की कोई कमी नहीं है। ऐसे में उन्हें समय पर ईएमआई चुकानी चाहिए। वर्ना बोझ उन्हीं पर पड़ेगा।

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आरबीआई के फैसले से आम आदमी को क्या होगा फायदा
अगर आम आदमी के पास नकदी की कमी है और वो तीन महीने तक लोन की किश्त नहीं चुका पाते हैं तो उसे डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा। लॉकडाउन की वजह से नए कर्ज लेने वालों की संख्या बढऩे के आसार नहीं लग रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों की मौजूदा समय में ईएमआई चल रही है, उनकी ईएमआई कम हो जाएगी। अगर ऐसा होता है तो लोगों को बड़ा फायदा होगा।

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छोटी कंपनियों पर क्या होगा असर
वहीं बात छोटी कंपनियों की करें तो इस लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा असर छोटी कंपनियों यानी एमएसएमई पर पड़ा है। कई कंपनियों पर मौजूदा समय में ताले लग गए हैं। ऐसे में इन कंपनियों पर आरबीआई के फैसले से काफी राहत मिलेगी। आरबीआई के फैसले के मुताबिक वर्किंग कैपिटल लोन के ब्याज भुगतान में तीन महीने की राहत मिल जाएगी। जिसकी वजह से क्रेडिट हिस्ट्री पर भी असर नहीं होगा।

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बैंकों इस तरह का होगा असर
कोरोना वायरस की वजह से इकोनॉमी और लोगों का जीवन काफी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में ग्राहकों की ओर से डिफॉल्ट भी किया जा सकता है। जिसकी वजह से बैंकों का एनपीए बढ़े। आरबीआई की ओर से ईएमआई में छूट का जो ऐलान किया है और रिजर्व रेपो रेट में कटौती की है उससे बैंकों को काफी फायदा होगा। कर्ज का भुगतान ना होने के बाद बैंकों के नकदी की पर्याप्त उपलब्धता रहे इसके लिए कई उपाय कर दिए गए हैं।

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Saurabh Sharma Desk/Reporting
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