Viklang Scooty Yojana 2020 : सरकार देगी दिव्यांगों को फ्री स्कूटी, जानिए क्या है नियम, कैसे करें आवेदन

Highlights
- Viklang Scooty Yojana 2020 इस योजना के अंतर्गत राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) शारीरिक रूप से विकलांग/ दिव्यांग (Free Scooty for disabled) व्यक्तियों को तीन पहिया वाला स्कूटर / स्कूटी का वितरण करती है
- इस योजना के लिए अगर कोई भी व्यक्ति जो कि शारीरिक रूप से विकलांग (Disabled) है वह आवेदन कर सकता है
- इस योजना के अंतर्गत वह विकलांग (Disabled) व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के बीच में होनी चाहिए

By: Ruchi Sharma

Published: 15 Jul 2020, 12:49 PM IST


नई दिल्ली. विकलांग स्कूटर योजना (Viklang Scooty Yojana 2020) राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) की तरफ से दी जाने वाली योजना है, जो दिव्यांगों (Divyang) के लिए बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) शारीरिक रूप से विकलांग/ दिव्यांग (Free Scooty for disabled) व्यक्तियों को तीन पहिया वाला स्कूटर / स्कूटी का वितरण करती है। इसलिए इस योजना के लिए अगर कोई भी व्यक्ति जो कि शारीरिक रूप से विकलांग (Disabled) है वह आवेदन कर सकता है।


इस योजना के अंतर्गत वह विकलांग (Disabled) व्यक्ति जिसकी आयु 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के बीच में होनी चाहिए। अगर आप इस योजना (Free Scooty for disabled) के लिए पात्र होंगे तो आपको एक तिपहिया वाहन दिया जाएगा जिससे कि आप अपने किसी भी काम को आसानी से कर पाएंगे।

आवेदन के लिए यहां देखें

इस योजना (Scooter for handicapped person) का लाभ लेने के लिए आपको राजीव गांधी फाउंडेशन (Rajiv Gandhi Foundation) की आधिकारिक वेबसाइट http://rgfindia.org/ पर जाकर इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ये लोग उठा सकते हैं इस योजना का लाभ

ऐसा व्यक्ति जो कि शारीरिक रूप से विकलांग है, तथा जिसकी आयु 18 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के बीच में है। वह इस योजना के लिए पात्र होगा। दिव्यांग व्यक्ति दो पहिया वाहन चलाने में सक्षम नहीं होते इसलिए उन्हें तीन पहिया या चार पहिए स्कूटर अथवा स्कूटी का वितरण किया जाता है। जिससे कि वह आसानी से उस वाहन को चला सके तथा उन्हें किसी प्रकार के गिरने का कोई डर ना हो।


क्या है इस योजना का उद्देश्य

आरजीएफ यानी कि राजीव गांधी फाउंडेशन की स्थापना जून 21 सन 1992 को की गई। इस योजना का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी के नाम पर रखा गया। उनका हमेशा से यही उद्देश्य था कि भारत में शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जाए तथा हर वर्ग को समान अधिकार प्रदान किए जाएं।

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