बड़ा फैसला: बीमारी के आधार पर क्लेम रद्द नहीं कर सकती बीमा कंपनी

बड़ा फैसला: बीमारी के आधार पर क्लेम रद्द नहीं कर सकती बीमा कंपनी

Manoj Kumar | Publish: Oct, 13 2018 07:44:40 PM (IST) फाइनेंस

बीमा धारकों को मिलेगी बड़ी राहत।

नई दिल्ली। पहले से मौजूद किसी बीमारी के बारे में कोई भी जानकारी छिपाना, जिसकी वजह से पॉलिसी धारक की मौत नहीं हुई या मौत के कारण से उसका कोई लेना-देना हो, दावेदार को दावा पाने से नहीं रोक सकेगा। हालांकि, इसकी वजह से बीमित व्यक्ति के दावे की रकम में कमी आ सकती है। यह फैसला राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग (एनसीडीआरसी) ने एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया है।

राज्य आयोग के आदेश को किया खारिज

मामले में एनसीडीआरसी ने पंजाब राज्य आयोग के आदेश को खारिज करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) की चंडीगढ़ शाखा को पॉलिसी धारक के परिजन को पांच लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। फैसले में आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जीवनशैली (लाइफ स्टाइल) की आम बीमारियों के आधार पर बीमा के दावे खारिज नहीं किए जा सकते हैं।

एलआइसी लेते वक्त नहीं किया थी बीमारी का उल्लेख

पंजाब निवासी नीलम चोपड़ा के पति ने 2003 में एलआइसी की एक पॉलिसी खरीदी थी। उन्होंने फॉर्म भरते वक्त अपनी बीमारी मधुमेह का उल्लेख नहीं किया था। 2004 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। पति के निधन के बाद नीलम में पॉलिसी के लिए दावा किया तो एलआइसी ने बीमारी के बारे में छिपाए जाने के आधार पर दावा खारिज कर दिया। हालांकि, सुनवाई में यह स्पष्ट हुआ कि उनके पति की मौत जिस बीमारी से हुई, वह बीमा कराते वक्त नहीं थी, इसलिए उनका दावा एलआइसी खारिज नहीं कर सकती है।

 

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