बजट-पूर्व समीक्षा बैठक : आईटी एवं दूरसंचार क्षेत्र के विकास के लिए टैक्स इन्सेंटिव की मांग

देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

By: आलोक कुमार

Updated: 11 Dec 2017, 08:42 PM IST


नई दिल्ली. अमरीका, सिंगापुर समेत कई देशों की सरकारों के संरक्षणवादी रवैये के चलते परेशानी से गुजर रही देश की दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। इसके साथ ही आईटी एवं दूरसंचार कंपनियों ने उद्योग के विकास के लिए सरकार के सामने टैक्स छूट की भी मांग रखी है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बजट-पूर्व परामर्श बैठक में उन्होंने यह मांग रखी। इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ला, वित्त सचिव हंसमुख अढिया समेत वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


आईटी सेक्टर को सरकारी मदद की जरूरत

आईटी एवं दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि आईटी क्षेत्र देश में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार दे रहा है तथा भविष्य में यह संख्या और बढ़ेगी। प्रतिनिधियों ने बिना किसी देश का नाम लिए हुए कहा कि हाल ही में कुछ देशों में शुरू हुए संरक्षणवाद और भेदभावपूर्ण नीतियों को देखते हुए वीजा प्रतिबंध जैसे मसलों पर आईटी सेक्टर को सरकार की मदद की जरूरत पड़ेगी। प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री से कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पिछले बजट की तरह इस आम बजट में भी टैरिफ दरों को संतुलित किया जाए और अलग-अलग उत्पाद शुल्क की दरों को आगे भी कायम रखा जाए।

इसके अलावा, आईटी एवं दूरसंचार क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार से बजट में ब्राडबैंड को बढ़ावा देने, दूरसंचार कंपनियों के लिए आसान पूंजी मुहैया कराने, दूरंसचार क्षेत्र के लिए टैक्स फ्री बांड लाने और दूरसंचार क्षेत्र पर लगने वाली जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी करने की भी मांग वित्त मंत्री के सामने रखी।

इक्विटी पर टैक्‍स लगाने की मांग
प्री बजट मीटिंग में देश के नामी इकोनॉमिस्ट्स ने इक्विटी यानी स्टॉक मार्केट से मिलने वाले रिटर्न पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाने का सुझाव दिया है। इस मीटिंग में मौजूद रहे एक सूत्र से यह जानकारी मिली है। अर्थशास्त्रियों का यह सुझाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इक्विटी पर होने वाली कमाई पर टैक्स लगाने के संकेत दे चुके हैं।

आलोक कुमार
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