Moratorium की सुविधा लेने वालों को सरकार ने दी राहत, 5 नवंबर तक मिलेगा कैशबैक

  • Loan moratorium interest waiver scheme : दो करोड़ की सीमा तक के लोगों को मिलेगा ब्याज पर ब्याज में छूट
  • मेरोटोरियम पीरियड में ईमाई चुकाने वाले भी होंगे इस सुविधा के हकदार

By: Soma Roy

Published: 29 Oct 2020, 03:31 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना काल में आर्थिक संकटों से जूझ रहे लोगों को राहत देने के मकसद से सरकार की ओर से लोन मोरेटोरियम की सुविधा दी गई थी। इसके तहत लोने लेने वाले ग्राहकों को ईमाईआई चुकाने के लिए एक तय मोहलत मिल गई थी। हालांकि ब्याज पर ब्याज जुड़ने को लेकर लोग परेशान थे। बाद में मामला हाईकोर्ट में जाने से सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक लोन लेने वालों को इस पर भी छूट दे दी। अब सरकार ने मोरेटोरियम सुविधा का लाभ लेने वाले कस्टर्स (interest waiver scheme ) को थोड़ी और राहत दी है। सरकार के नए निर्देश के मुताबिक जिन लोगों ने मोरेटोरियम (Moratorium) पीरियड में भी अपने लोन या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) की ईएमआई चुकाई थी उन्हें सरकार की ओर से कैशबैक दिया जाएगा। इसके अलावा दो करोड़ रुपए तक की सीमा वाले लोगों को भी ये लाभ मिलेगा। उनके खाते में रकम 5 नवंबर तक भेज दी जाएगी।

दो करोड़ की सीमा तक छूट
सरकार के नए निर्देश के मुताबिक ऐसे ग्राहक जिन्होंने 1 मार्च 2020 से 31 अगस्त 2020 के टाइम पीरियड के दौरान अपने लोन या क्रेडिट कार्ड की ईएमआई दी थी उन्हें कैशबैक दिया जाएगा। कैशबैक की राशि के लिए ग्राहकों को किसी तरह का आवेदन नहीं करना होगा। रकम अपने आप सभी पात्र कर्जदाताओं के खाते में 5 नवंबर तक आ जाएगी। जिन कर्जदारों के ऊपर 29 फरवरी 2020 तक कुल ऋण दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं था, वे सभी योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा जिन ग्राहकों ने मोरेटोरियम का लाभ नहीं उठाया था, उन्हें भी बैंक से कैशबैक मिलेगा।

ये होंगे लाभ के हकदार
1.जिन लोगों ने एमएसएमई लोन, एजुकेशन लोन, होम लोन, कंज्‍यूमर ड्यूरेबल लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया, ऑटोमोबाइल लोन, पर्सनल लोन और कंजम्‍पशन लोन ले रखा है वे इसके हकदार होंगे।
2.लोन की रकम 2 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3.29 फरवरी, 2020 तक लोन अकाउंट स्‍टैंडर्ड होना चाहिए.
4.कर्ज देने वाली संस्था को बैंकिंग कंपनी, सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक, सहकारी बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी होना चाहिए।
5.कैशबैक पेमेंट ग्राहक के लोन अकाउंट में किया जाएगा। फिर भले ही ग्राहक ने पूरी तरह से लाभ उठाया हो, आंशिक रूप से लाभ उठाया हो या लाभ नहीं उठाया हो।

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