GST रजिस्ट्रेशन के साथ जरूरी होगा आधार लिंक करना, बैठक में सरकार ने दी मंजूरी

  • सरकार ने जीएसटी मीटिंग में इस संबध में फैसला सुनाया
  • इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर को भी राहत मिलेगी

By: Shivani Sharma

Updated: 21 Sep 2019, 04:36 PM IST

नई दिल्ली। देश के कारोबारियों को सौगात देते हुए और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने के लिए सरकार समय-समय पर कई बड़े फैसले लेती रहती है। इसी कड़ी में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आधार को जीएसटी रजिस्ट्रेशन के साथ लिंक कराने को मंजूरी दे दी है।


जीएसटी मीटिंग में सुनाया फैसला

आपको बता दें कि जीएसटी के अंतर्गत करदाताओं के पंजीकरण से जोड़ने का सैद्धांतिक तौर पर शुक्रवार को फैसला किया और रिफंड पर दावा करने के लिए इसे जरूरी बनाने की संभावना पर विचार किया । परिषद ने जून में जारी उस परिपत्र को भी वापस लेने का निर्णय किया, जिसमें कहा गया था कि कुछ मामलों में एक कंपनी द्वारा डीलर को दी गयी अतिरिक्त छूट पर भी माल और सेवा कर (जीएसटी) लगेगी।


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एमएसएमई सेक्टर को भी मिलेगी राहत

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार परिषद ने वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए वार्षिक जीएसटी कंपोजिशन रिटर्न (फॉर्म जीएसटीआर-9ए) भरने में रोजगार करने वाले एमएसएमई सेक्टर को राहत देने का फैसला किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली परिषद की यहां बैठक हुई।


1 अक्टूबर से लागू होंगी नई दरें

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी की सभी दरें एक अक्टूबर से लागू होंगी। जीएसटी दर में हुई कटौती से जिन सेक्टर्स को फायदा होगा उसमें होटल, रत्न और आभूषण, रक्षा और वाहन प्रमुख हैं। इसके साथ ही इस बैठक में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी कई फैसले किए गए हैं।

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