19 नवंबर को है आरबीआर्इ की बोर्ड बैठक, इस्तीफा दे सकते हैं उर्जित पटेल

19 नवंबर को है आरबीआर्इ की बोर्ड बैठक, इस्तीफा दे सकते हैं उर्जित पटेल

Saurabh Sharma | Publish: Nov, 08 2018 03:09:31 PM (IST) फाइनेंस

ऑनलाइन वित्तीय प्रकाशन 'मनीलाइफ' की रिपोर्ट के अनुसार यदि सरकार और आरबीआई के बीच टकराव और बढ़ा तो पटेल अगली बोर्ड की बैठक में इस्तीफा दे सकते हैं।

नर्इ दिल्ली। आरबीआर्इ आैर सरकार के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। यहां तक कि आरबीआर्इ गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे तक की बात सामने आ चुकी है। एक फिर से इस्तीफे की बात सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 नवंबर को आरबीआर्इ की बोर्ड मीटिंग होने जा रही है। बात यह भी सामने आर्इ है कि इस मीटिंग के बाद उसी दिन उर्जित पटेल इस्तीफा भी दे सकते हैं। ऑनलाइन वित्तीय प्रकाशन 'मनीलाइफ' की रिपोर्ट के अनुसार यदि सरकार और आरबीआई के बीच टकराव और बढ़ा तो पटेल अगली बोर्ड की बैठक में इस्तीफा दे सकते हैं। पटेल और सरकार के बीच संघर्ष से उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ा है। आरबीआई गवर्नर ने संघर्ष का काफी प्रयास किया है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा है बुरा असर
रिपोर्ट के अनुसार उर्जित पटेल से संबंध रखने वालों का कहना है कि उन्होंने सरकार से संघर्ष के काफी प्रयास किए हैं। जिसका उनके स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर भी पड़ा है। ताज्जुब की बात तो ये है कि सरकार यह जानते हुए भी कि वो कभी भी इस्तीफा दे सकते हैं अपनी मांगों को मनवाने के लिए दबाव डाल रही है। हो सकता है कि वो बोर्ड मीटिंग में अपना इस्तीफा सामने रख दें आैर इस संघर्ष को अपनी आेर से विराम दे दें।

डिप्टी गवर्नर के बयान के बाद बढ़ी रार
सरकार और आरबीआई के बीच कई मांगों को लेकर खींचतान चल रही है। इनमें वित्तीय घाटे को नियंत्रण में रखने के लिए केन्द्रीय बैंक रिजर्व राशि के बड़े हिस्से को सरकार को हस्तांतरित करना और बाजार में और तरलता लाना शामिल है। सरकार और आरबीआई के बीच विवाद 26 अक्टूबर को केन्द्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के मुंबई में एडी श्रॉफ मेमोरियल व्याख्यान में खुलकर सामने आ गया। आचार्य ने अपने भाषण में कहा, 'जो सरकार केन्द्रीय बैंक की स्वायत्तता का सम्मान नहीं करती उसे देर-सबेर वित्तीय बाजार के आक्रोश का सामना करना पड़ता है और बड़ी आर्थिक दुश्वारियां पेश आती हैं।'

रघुराम राजन ने भी किया था आगाह
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को सरकार द्वारा सावधानीपूर्वक विश्लेषण किए बिना केन्द्रीय बैंक के आपात रिजर्व को लेने के प्रति आगाह किया था। राजन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि आरबीआई बोर्ड को केन्द्रीय बैंक के परिचालन संबंधी फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और आरबीआई अधिनियम की धारा सात के तहत निदेर्श जारी करना चिंताजनक होगा।

 

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